नई दिल्ली: राजस्थान सियासी संकट को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने PM मोदी पर निशाना साधा और सवाल उठाए
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा,क्या प्रधानमंत्री अपना मौन व्रत तोड़कर राज्यपाल को राजधर्म निभाने के लिए नहीं पूछना चाहते...? या उनकी मुखरता सिर्फ जुमलों के लिए है...? वो इसमें शामिल हैं, इसलिए ये हो रहा है| अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि,''जब संविधान लिखा जा रहा था, तो ये प्रस्तावित था कि विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को बाध्य नहीं कर सकते। इसको स्पष्ट तौर पर नकारा गया और कहा गया कि राज्यपाल के लिए केबिनेट की सलाह बाध्य है|
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि,''उच्च न्यायालय में अयोग्यता वाला मामला विचाराधीन है। उसमें किसी भी पक्ष में फैसला आए, लेकिन क्या उसका सत्र न बुलाने से कोई संबंध है...? राज्यपाल ने एजेंडा नहीं भेजने की बात कही है। क्या उनको ये नहीं पता कि तारीख तय होने के बाद एजेंडा भेजा जाता है?
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि,''विधायकों की देखभाल, स्वस्थ और आवागमन की बात कही है। ये अच्छी बात है। लेकिन क्या राज्यपाल सत्र शुरू करने की तारीख न देने के लिए ये प्रश्न उठा सकते हैं? ये विधानसभा अध्यक्ष और सरकार का अधिकार क्षेत्र है|प्रधानमंत्री ने पूरे मामले में मौन व्रत साध रखा है। केंद्र सरकार के आदेश और निर्देश पर ही ये सब हो रहा है। इस खेल में मास्टर कौन है, हम सब जानते हैं। मगर राज्यपाल के पद और गरिमा पर जो आघात हुआ है, उसे हम भूल नहीं सकते|
अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा,'' 1. क्या उच्च न्यायालय उच्चतम न्यायालय से बाध्य है? 2. क्या 30 वर्ष पुराने कीहोटो निर्णय से उच्च न्यायालय बाध्य नहीं है? 3. क्या 24 जुलाई का आंतरिक आदेश कीहोटो आदेश का पालन करता है? | इससे जाहिर है कि किस तरह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है। इधर देखें तो राज्यपाल से और उधर देखें तो केंद्र सरकार से|
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि,आज प्रजातंत्र, बहुमत, जनता को सत्ताधारियों की बेडियों से आजाद करवाने का दिन है। भाजपा मध्यप्रदेश के बाद राजस्थान की सरकार गिराने का षड़यंत्र रच कर लोकतंत्र को अपमानित करने का काम कर रही है| रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि,''पहले मध्यप्रदेश व अब राजस्थान में प्रजातंत्र की दिनदहाड़े हत्या का भाजपाई षड्यंत्र बेनक़ाब हो चुका है। क्या प्रजातंत्र दिल्ली दरबार की दासी है? क्या बहुमत दिल्ली के हाथों की कठपुतली है? क्या वोट के शासन के मायने नहीं हैं? अगर नहीं तो मिल कर आवाज़ उठाएँ।
Speak Up For Democracy कैंपेन में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ''आज देश में संविधान और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। मोदी सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुन कर आई सरकारों को तोड़ने का काम कर रही है। विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकारों को अस्थिर करने के षड़यंत्र रचे जा रहे हैं|
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि, ''कई सालों से जिस तरह से केंद्रीय सरकार और भाजपा के द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि जहां भी विपक्ष की सरकार हो उसे किसी न किसी तरह से गिराया जाए और उसके बदले में भाजपा की सरकार को बनाया जाए|
शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि ''हमारे देश का संविधान दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान है। हमारे संविधान में राज्यपाल चुनी हुई सरकार का निर्णय मानने को बाध्य है। राजस्थान में विधायक तोड़ने के प्रयासों के बावजूद विफल होने पर लोकतंत्र को कुचला जा रहा है|
कांग्रेस नेता डॉ रामचंद्र खुंटिया ने कहा कि 'भाजपा सारे देश में संविधान और गणतंत्र की व्यवस्था के लिए आपदा के समान है। भाजपा सत्ता का दुरुपयोग करके एक के बाद एक गणतंत्र की पद्धति से निर्वाचित सरकारों को गिराने का कार्य कर रही है। भाजपा लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुकी है|
Speak Up For Democracy कैंपेन में जितिन प्रसाद ने कहा कि,''पिछले कुछ वर्षों से भाजपा अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकारों को अस्थिर कर रही है। देश राजस्थान में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की साजिश को देख रहा है। राजस्थान में कांग्रेस को बहुमत सिद्ध करने का मौका दिया जाए|