नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों (Farm Laws) का विरोध नहीं थम रहा है| कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है। जगह- जगह पर कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले बरसाए जा रहे है|
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने किसानों के दिल्ली कूच पर ट्वीट किया। उन्होंने हरियाणा में किसानों पर वाटर कैनन के इस्तेमाल और उन्हें रोकने के प्रशासनिक प्रयासों को पंजाब का 26/11 बताया।उन्होंने कहा कि हम लोकतांत्रिक विरोध का अंत होते देख रहे हैं। किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए अकाली दल ने हरियाणा और केंद्र सरकार की निंदा की।
सुखबीर ने कहा कि पंजाब के किसानों के अधिकारों की लड़ाई को वाटर कैनन के इस्तेमाल से नहीं रोका जा सकता।उन्होंने कहा कि,''आज पंजाब 26/11 है। हम लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का अंत देख रहे हैं। अकाली दल ने शांतिपूर्ण किसान आंदोलन को दबाने के लिए हरियाणा सरकार और केंद्र की निंदा की|
बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की है|उन्होंने ट्वीट किया, 'मैं पीएम नरेंद्र मोदी से भी आग्रह करना चाहता हूं कि अहंकार और झूठे अभिमान के साथ खड़े नहीं रहें| ऐसा कोई भी निर्णय जो किसानों को स्वीकार्य नहीं है और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाता हो, उसे खत्म किया जाना चाहिए| हमें यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए कि अन्नदाता का भविष्य सुरक्षित हो|
सुखबीर सिंह बादल ने किसानों के आंदोलन पर कहा है कि किसान अपनी लड़ाई किसी राजनीतिक झंडे के अधीन नहीं लड़ना चाहते। सभी पार्टियों से जुड़े किसान कृषि कानूनों के मुद्दे पर एक साथ हैं। किसानों को हमारा पूरा सहयोग है। उनके मन में एक बात है जिसके चलते वो पॉलिटिकल झंडे के नीचे कैंपेन शुरू नहीं करना चाहते। इस वक्त सभी पार्टियों के किसान इकट्ठा हैं। हमारी पार्टी को जैसा आदेश दिया जाएगा हम उसका पालन करेंगे|
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में बहुत ही ढुलमुल रवैया अपनाया है, क्योंकि उन्होंने बिल्कुल भी प्रदर्शन नहीं किया। सुखबीर सिंह बादल ने कहा मुख्यमंत्री को केंद्र पर दबाव बनाना चाहिए था। दिल्ली जाकर बैठकें करनी चाहिए थीं। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा के किसानों से भी अपील करता हूं कि वो पंजाब के किसानों के साथ आएं और उनका समर्थन करें।