नई दिल्ली: टाटा संस बोर्ड (Tata Sons board) ने कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में एन. चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) के कार्यकाल को अगले पांच सालों के लिए बढ़ाया। टाटा संस बोर्ड ने शुक्रवार को इसकी मंजूरी दे दी है। एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में वे अपना काम करते रहेंगे।
टाटा संस बोर्ड की बैठक में रतन टाटा विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित थे। बैठक के दौरान एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल, टाटा समूह के प्रदर्शन व प्रगति पर चर्चा की गई।
इस दौरान बोर्ड के सदस्यों ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल व प्रदर्शन की सराहना की। साथ ही सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से चंद्रशेखरन के कार्यकाल को अगले पांच वर्षों तक बढ़ाने की सिफारिश की। जिसके बाद बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल को अगले पांच वर्ष तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद एक्जीक्यूटिव चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से मैं टाटा समूह का नेतृत्व कर रहा हूं और यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं अगले पांच वर्षों तक टाटा समूह का नेतृत्व तक फिर से नेतृत्व का अवसर पाकर खुश हूं।
आपको बता दें कि टाटा समूह ने सायरस मिस्त्री के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के एमडी एन चंद्रशेखरन को फरवरी 2017 में टाटा समूह का एक्जीक्यूटिव चेयरमैन मनोनित किया था और उनका कार्यकाल फरवरी 2022 में समाप्त हो रहा था।
टाटा समूह की 1868 में हुई थी स्थापना
आपको बता दें कि टाटा समूह की स्थापना वर्ष 1968 में जमशेदजी नसरवान जी टाटा ने वर्ष 1868 में की थी। टाटा समूह एक अंतराष्ट्रीय समूह है जिसका मुख्यालय भारत के मुंबई में है। वर्तमान में समूह की 110 से अधिक कंपनियां है जो नमक से लेकर स्टील और साफ्टवेयर से लेकर विमानन सेवा के क्षेत्र में कार्यरत है। वर्तमान में समूह के छह महादेश में 100 से अधिक देशों में अपना प्रसार कर चुकी है जो अपने सेवा और समुदाय के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी काम करती है।