नई दिल्ली: गाजियाबाद जिला प्रशासन ने किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। यूपी गेट पर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने धारा-144 लगा दी है| गाजीपुर बॉर्डर पर जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर किसानों का समर्थन किया है|
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, “एक साइड चुनने का समय है| मेरा फ़ैसला साफ़ है| मैं लोकतंत्र के साथ हूं, मैं किसानों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूं”
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने ट्वीट कर कहा,'' लोकतंत्र सबको अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाने की इजाजत देता है। जिस तरह भाजपा शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों के साथ पेश आ रही है, वो गलत है। हम किसानों के साथ हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' कल आधी रात में लाठी से किसान आंदोलन को ख़त्म करने की कोशिश की। आज गाजीपुर, सिंघू बॉर्डर पर किसानों को धमकाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के हर नियम के विपरीत है। कांग्रेस किसानों के साथ इस संघर्ष में खड़ी रहेगी। किसान देश का हित हैं। जो उन्हें तोड़ना चाहते हैं- वे देशद्रोही हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि,'हिंसक तत्वों पर सख़्त कार्यवाही की जाए लेकिन जो किसान शांति से महीनो से संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ देश की जनता की पूरी शक्ति खड़ी है।
बता दें दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर पर किसान पिछले करीब दो महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं| अब उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का आदेश दिया है| इसी के मद्देनजर गाजीपुर बॉर्डर पर काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है| वहीं गाजीपुर में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने साफ कर दिया है कि वह आंदोलन खत्म नहीं करेंगे|
गाज़ीपुर बॉर्डर से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रोते हुए कहा कि कुछ लोग प्रशासन के साथ मिलकर साजिश कर रहे हैं। अब किसी भी हालत में ये आंदोलन समाप्त नहीं होगा।धरने पर बैठे राकेश टिकैत की आंखों में आंसू आ गए। बोले कि किसान शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। लेकिन सरकार किसानों के खिलाफ साजिश कर उनकी आवाज दबा रही है। सरकार भले आंदोलन का बिजली पानी काट दे, अब आसपास के गांवों से ही उनके लिए पानी आएगा। राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए और कहा कि यदि कृषि कानून वापस नहीं हुए तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। उन्होंने कहा कि देश के किसानों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है।