नई दिल्ली: भारत में अब तक Covid-19 के Deltaplus वेरिएंट के 22 मामले सामने आ चुके हैं| केंद्र ने कहा है कि डेल्टा वेरियंट इस समय दुनिया के 80 देशों में है| भारत में भी यह है और इसे 'वेरियंट ऑफ कंसर्न' की श्रेणी में रखा गया है| डेल्टा प्लस वेरियंट अभी 9 देशों में हैं| यूके, यूएस, जापान, रशिया, भारत, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, नेपाल और चीन| केंद्र ने कहा कि भारत में डेल्टा प्लस के 22 मामले हैं और अभी इसे 'वेरियंट ऑफ इंटरेस्ट' की श्रेणी में रखा गया है| डेल्टा प्लस वेरिएंट के केस केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र में पाए गए हैं|
AIIMS (दिल्ली) में बयोकेमेस्ट्री विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शुभ्रदीप कर्माकर ने कहा कि,''जो नया डेल्टा वेरिएंट आया है ये काफी संक्रामक है। ये बीमारी दोबारा अक्सर नए वेरिएंट के साथ आती है जो और भी खतरनाक हो सकता है। इस वायरस की प्रकृति म्यूटेट करने की है|
डॉ. शुभ्रदीप कर्माकर ने कहा कि,'भारत सरकार जो वैक्सीन इस्तेमाल कर रही है वो बहुत प्रभावी है। इससे बहुत सुरक्षा मिलती है। जो भी लोग पात्र हैं वे वैक्सीन जरूर लगवाएं। इससे बीमारी की तीव्रता, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु की संभावना बहुत कम हो जाती है। ऐसा स्टडी में पाया गया है|
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने बताया कि ,''राज्यों को चिट्ठी लिखकर कहा गया है कि कैसे डेल्टा प्लस वेरियंट को डील करना है. हम नहीं चाहते हैं कि डेल्टा प्लस वेरियंट आगे बढ़े| विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट, देश में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है|
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने प्रेस कांफ्रेंस में डेल्टा प्लस वेरिएंट को 'वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' बताया था, वेरिएंट ऑफ कंसर्न नहीं| लेकिन शाम होते होते डेल्टा प्लस 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' हो गया| स्वास्थ्य मंत्रालय का स्टेटमेंट आया | स्वास्थ्य सचिव ने कहा, भारत के दोनों वैक्सीन कोवैक्सीन और कोविशील्ड, डेल्टा वेरिएंट पर असरदार हैं| रूसी वैक्सीन स्पूतनिक V लेट आई है लेकिन अभी कोविशील्ड और कोवैक्सिन पर पाया गया कि दोनों वैक्सीन डेल्टा वेरियंट पर असरदार है|