नई दिल्ली : Russia Ukraine Crisis: भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा,''अगले 3 दिन में 26 फ्लाइट शेड्यूल हैं| विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा,''हमने जब अपनी पहली एडवाइजरी जारी की थी उस समय यूक्रेन में लगभग 20,000 भारतीय छात्र थे, तब से लगभग 12,000 छात्र यूक्रेन छोड़ चुके हैं। बाकी बचे 40% छात्रों में से लगभग आधे संघर्ष क्षेत्र में हैं और आधे यूक्रेन के पश्चिमी बॉर्डर पर पहुंच गए हैं या उसकी तरफ बढ़ रहे हैं|
हमारे सब नागरिकों ने कीव छोड़ दिया है, हमारे पास जो जानकारी है उसके मुताबिक कीव में हमारे और नागरिक नहीं हैं, वहां से हमें किसी ने संपर्क नहीं किया है| भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए बुखारेस्ट और बुडापेस्ट के अलावा अगले 3 दिन में 26 फ्लाइट शेड्यूल हैं|
यूक्रेन में गोलाबारी में भारतीय छात्र की मौत पर श्रृंगला ने कहा,''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भारतीय नागरिक (खार्किव में आज सुबह गोलाबारी में मारे गए एक भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा) की मौत पर दुख व्यक्त किया है| श्रृंगला ने कहा,'' हम जल्दी से जल्दी अपने नागरिकों को संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकालेंगे और नवीन शेखरप्पा की बॉडी वापस लाएंगे, हम इसे लेकर लोकल अथॉरिटी के संपर्क में हैं|
एअर इंडिया का आठवां विमान बुडापेस्ट से दिल्ली पहुंचा
यूक्रेन में फंसे 218 भारतीयों को लेकर एअर इंडिया का आठवां विमान हंगरी के बुडापेस्ट से नई दिल्ली पहुंचा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने यात्रियों को रिसीव किया। इससे पहले एअर इंडिया की 7वीं फ्लाइट 182 भारतीयों को लेकर मुंबई पहुंची थी। ऑपरेशन गंगा के तहत अब तक 8 फ्लाइट्स से कुल 1,836 भारतीयों को देश वापस लाया जा चुका है।
गोलाबारी में भारतीय छात्र की मौत
यूक्रेन पर रूस के हमले के छठवें दिन खार्किव शहर में एक भारतीय छात्र नवीन कुमार की मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोशल मीडिया पर कहा- हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि खार्किव में बमबारी की वजह से एक भारतीय छात्र की जान चली गई है। हम उसके परिवार के संपर्क में हैं।
रूसी सेना ने गोली मारी
नवीन के साथ होस्टल में रहने वाले श्रीधरन गोपालकृष्णन ने बताया- यूक्रेन के समय के मुताबिक, सुबह 10.30 बजे नवीन राशन की दुकान के सामने लाइन में लगा था। उसी समय रूसी सेना ने लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। हमारे पास उसकी बॉडी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हम में से किसी को अस्पताल जाने की इजाजत भी नहीं दी गई है, ताकि हम पता लगा सकें कि उसकी बॉडी कहां रखी गई है।