नई दिल्ली:ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को दावा किया कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या (Atiq-Ashraf killings) करने वाले तीनों लोग (अरुण मौर्य, लवलेश तिवारी और सनी) महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के 'अनुयायी' हैं। उन्होंने तीनों को 'आतंकवादी' भी कहा और कहा कि वे एक 'आतंकवादी मॉड्यूल' का हिस्सा हैं हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस समूह से संबंधित हैं।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी जानने की मांग की कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम को लागू क्यों नहीं किया|
ओवैसी ने ने कहा कि,''हम योगी आ??ित्यनाथ सरकार से पूछना चाहते हैं कि उनपर UAPA क्यों नहीं लगा? हत्यारों (अरुण मौर्य, लवलेश तिवारी और सनी) को ऑटोमेटिक रिवॉलर किसने दिए? किसने उन्हें 8 लाख रुपये के हथियार दिए? वे कट्टरपंथी हैं और गोडसे के नक्शेकदम पर चल रहे हैं।"
सदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि,'' उन्होंने (अतीक अहमद और उसके भाई पर गोली चलाने वाले) कहा कि हम मशहूर होना चाहते थे। ये मशहूर होना नहीं है, ये वो ग्रुप है जिसे हम टेरर सेल कहते हैं।...हम पूछना चाहते हैं कि उनपर UAPA क्यों नहीं लगा? उन्हें 8 लाख का हथियार किसने दिया? आप याद रखो कि ये आतंकवादी हैं, ये रेडिक्लाइज हो चुके हैं। ये गोडसे के नक्शे कदमों पर चल रहे हैं|
उन्होंने कहा कि,"उन्हें (अरुण मौर्य, लवलेश तिवारी और सनी को) रोका जाना चाहिए अन्यथा वे और लोगों को मार डालेंगे।"
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अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में - शनिवार देर रात (15 अप्रैल, 2023 को) प्रयागराज के एक अस्पताल के बाहर तीनों 3 लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब पुलिस दोनों को 'रूटीन मेडिकल चेक-अप' के लिए ले जा रहे थी| अतीक अहमद और अशरफ की हत्या करने वाले तीन शूटरों ने ‘मेड इन तुर्की’ 30 बोर की पिस्टल ( एक की कीमत ₹8 लाख) का इस्तेमाल किया था|
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तीन शूटरों --- ने ज़िगाना एफ (स्वचालित) और गिरसन 9 एमएम पैराबेलम (रिगार्ड एमसी) पिस्टल का इस्तेमाल किया था,...जो बताता है कि यह एक बड़े गिरोह का काम है| इससे एक बार में करीब 15 गोलियां दाग सकते हैं| तुर्की निर्मित यह स्वचालित पिस्टल संगठित गिरोहों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं| ये हथियार भारत में बैन है| उन्हें ये हथियार किसने मुहैया कराए....ये सब जांच का विषय है|
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यह पिस्टल तुर्की में बनती है और गैरकानूनी तरीके से बॉर्डर क्रॉस कर इसे यहां लाया जाता है| भारत में इस पिस्टल पर बैन लगा हुआ है| हत्याकांड को अंजाम देने वाले 3 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं| हत्या के तुरंत बाद शूटरों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था| अतीक अहमद को उसी दिन गोली मारी गई थी, जिस दिन यूपी पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए उसके बेटे असद अहमद और मकसूदन के बेटा गुलाम को दफनाया गया था।