नई दिल्ली: कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा,''यह हमारे लिए नया नहीं है। अन्य के खिलाफ भी प्रयास किया गया। केंद्रीय एजेंसियों की निगाह उनके बेटे के कारोबार पर थी लेकिन जहां तक मुझे पता है उन्हें कुछ नहीं मिला इसलिए वे अन्य जगहों पर उनके परिवार के लिए समस्याएं पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। चिंता करने की जरूरत नहीं|
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने आज शुक्रवार को सुबह महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री (former Maharashtra Home Minister) व एनसीपी नेता अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग केस के सिलसिले में उनके नागपुर व मुंबई में स्थित आवासों में छापा मारा है.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया,'प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के नागपुर स्थित आवास पर छापेमारी की।'प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक और टीम ने मुंबई के वर्ली इलाके में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के आवास पर छापेमारी की|
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक और टीम ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित आवास पर छापा मारा है.अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन की रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापे मारे गए और देशमुख के नागपुर में स्थित आवास पर भी छापे मारे गए हैं|
केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीबीआई की एक प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद पिछले महीने देशमुख (71) और अन्य के खिलाफ धन शोधन की रोकथाम कानून के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था| सीबीआई ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर एक मामला दायर करने के बाद प्रारंभिक जांच की थी, जिसके बाद ईडी ने मामला दर्ज किया|
उच्च न्यायालय ने सीबीआई को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए रिश्वत के आरोपों की जांच के लिए कहा था| बता दें भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद राकांपा के वरिष्ठ नेता ने अपना पद छोड़ दिया था|
बता दें कि ईडी व सीबीआई देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों की जांच कर रही है|साल की शुरुआत में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए थे|
ED की छापेमारी पर अनिल देशमुख ने कहा,''आप जानते हैं परम बीर सिंह ने मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाए जाने के बाद मुझ पर झूठे आरोप लगाए क्योंकि उनकी भूमिका बेहद संदिग्ध थी। जब वह पद पर थे तो उन्होंने आरोप क्यों नहीं लगाए ?
गौरतलब है कि फरवरी में मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के निकट एक एसयूवी में विस्फोटक सामग्री रखी मिलने के मामले में वाजे की कथित संलिप्तता को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बीच मुंबई पुलिस कमिश्नर सिंह को मार्च में मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाकर होमगार्ड विभाग में भेज दिया गया था| बाद में सिंह ने राज्य सरकार को भेज गए एक पत्र में उस समय राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया था| मामले की जांच कर रहे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 13 मार्च को वाजे को गिरफ्तार कर लिया था| पिछले महीने उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था|