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25 अगस्त 2026

नदी के दो छोर कभी नहीं मिल सकते': PM मोदी से शरद पवार की मुलाकात पर NCP की सफाई

नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(NCP) के नेता शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(NCP) के नेता और राज्यसभा सांसद शरद पवार के बीच पीएम नरेंद्र मोदी क…

नदी के दो छोर कभी नहीं मिल सकते': PM मोदी से शरद पवार की मुलाकात पर NCP की सफाई
नदी के दो छोर कभी नहीं मिल सकते': PM मोदी से शरद पवार की मुलाकात पर NCP की सफाई | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(NCP) के नेता शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(NCP) के नेता और राज्यसभा सांसद शरद पवार के बीच पीएम नरेंद्र मोदी के बीच करीब 50 मिनट तक बैठक चली है| इस मुलाकात के बाद सियासी अटकलों का बाजार गर्म हो गया है| हालांकि, एनसीपी ने इन अटकलों को विराम देते हुए कहा है कि संघ का राष्ट्रवाद और एनसीपी का राष्ट्रवाद अलग है| दोनों नदी के दो छोर हैं जो कभी नहीं मिल सकते|




NCP नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा,''राजनीति विचारों के आधार पर होती है, संघ का राष्ट्रवाद और राष्ट्रवादी पार्टी के राष्ट्रवाद में ज़मीन आसमान आ अंतर है। नदी के दो छोर कभी नहीं मिल सकते, ये सच्चाई है। भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का एक साथ आना असंभव है|



राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राष्ट्र हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। पवार ने एक ट्वीट में कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। राष्ट्र हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।


राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर सहकारी बैंक में वर्तमान में हो रही समस्याओं से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस क्षेत्र में कुछ विसंगतियों और कानूनी अक्षमता पर ध्यान देने की जरूरत है, साथ ही उन्होंने 97 वें संवैधानिक संशोधन के बारे में भी चर्चा की।



उन्होंने लिखा कि सहकारी बैंकिंग क्षेत्र राज्य का मामला है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र का कोई भी हस्तक्षेप असंवैधानिक होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए कानून बनाए हैं और केंद्र को राज्य द्वारा तैयार किए गए कानून में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।


पवार ने कहा कि वर्तमान में केंद्र द्वारा संशोधित अधिनियम बोर्ड के गठन और अध्यक्ष के चुनाव, प्रबंध निदेशक की नियुक्ति आदि के संबंध में सहकारी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को खत्म करता है।







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