लखनऊ: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को संसद में पेश आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मायावती ने कहा कि करों की मार से कराह रही जनता को नए वादों से लुभाने का प्रयास बजट में किया गया है जबकि बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी महंगाई और किसानों की आत्महत्या जैसी गंभीर चिन्ताओं पर रोकथाम के कोई उपाय नहीं किए गए है।
मायावती ने कहा कि ,'' संसद में आज पेश केन्द्रीय बजट नए वादों के साथ जनता को लुभाने के लिए लाया गया है, जबकि गतवर्षों के वादों व पुरानी घोषणाओं आदि के अमल को भुला दिया गया है, यह कितना उचित। केन्द्र बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई व किसानों की आत्महत्या जैसी गंभीर चिन्ताओं से मुक्त क्यों?
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मायावती ने कहा कि ,'केन्द्र सरकार द्वारा अपनी पीठ आप थपथपा लेने से अभी तक देश की बात नहीं बन पा रही है। करों की मार लोगों का जीना दुभर किए हुए है। इसीलिए केन्द्र का भरसक प्रयास खासकर बेरोजगारी व असुरक्षा आदि के कारण लोगों में छाई तंगी, मायूसी व हताशा को कम करने की हो तो बेहतर।