पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर 'समर्पण दिवस' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,दीनदयाल उपाध्याय जी हमें हमेशा प्रेरणा देते रहे हैं। आज भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं और आगे भी रहेंगे। जहां भी मानवता के कल्याण की बात होगी उनका एकात्म मानव दर्शन प्रासंगिक रहेगा|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'सत्ता की ताकत से आपको सीमित सम्मान ही मिल सकता है लेकिन विद्वान का सम्मान हर जगह होता है। दीनदयाल जी इस विचार के जीते जागते उदाहरण हैं। कोरोना काल में देश ने अंत्योदय की भावना को सामने रखा। आत्मनिर्भरता से एकात्म मानव के दर्शन को भी सिद्ध किया|पूरी दुनिया को दवाएं पहुंचाईं, और आज वैक्सीन पहुंचा रहा है|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''आज जब देश में इतने सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं तो सभी भारतीयों को गर्व और सीना चौड़ा होता है। हमें गर्व है कि हम अपने महापुरुषों के सपनों को पूरा कर रहे हैं। हमारी विचारधारा देशभक्ति से प्रेरित होती है और देशहित के लिए होती है। हमारी राजनीति में भी राष्ट्रनीति सर्वोपरि है|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''हम राजनीति में सर्वसम्मति को महत्व देते हैं। मैंने संसद में कहा था कि बहुमत से सरकार चलती है लेकिन देश सहमति से चलता है। हम सिर्फ सरकार चलाने नहीं आए हैं, देश को आगे ले जाने आए हैं। हम चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ लड़ते हैं इसका यह मतलब नहीं कि हम एक दूसरे का सम्मान नहीं करते| प्रणव मुखर्जी, तरुण गोगोई, एस.सी.जमीर इनमें से कोई भी राजनेता हमारी पार्टी या फिर गठबंधन का हिस्सा कभी नहीं रहे। लेकिन राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।