नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से धारा-370 खत्म होने के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार जम्मू-कश्मीर के आठ राजनीतिक दलों के 14 जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया| जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वदलीय बैठक खत्म हुई। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि,''जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्ज़ा मिले, जम्मू-कश्मीर में तुरंत चुनाव हो, कश्मीरी पंडितों की भी बात रखी, राजनीतिक कैदियों को छोड़ा जाए, रोज़गार और जमीन की गारंटी दे सरकार। गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि,'80% पार्टियों ने कहा कि 370 का मामला सुप्रीम कोर्ट में है|
प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू कश्मीर के ऊपर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि,''बैठक में हमने कांग्रेस की तरफ़ से सरकार के सामने 5 बड़ी मांगे सरकार के सामने रखी। राज्य का दर्ज़ा जल्दी बहाल करे सरकार| हमने बैठक में कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने की बात भी बोली। केंद्र सरकार जल्द से जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाएं। बैठक में अधिकतर पार्टियों ने कहा कि 370 का मामला सुप्रीम कोर्ट में है|
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि,''गृह मंत्री ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी नेताओं ने की पूर्ण राज्य की मांग|
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस चीफ गुलाम अहमद मीर ने कहा कि,''यह एक अच्छी बैठक थी, एक अच्छी पहल। प्रधानमंत्री ने सभी नेताओं को सुना। उन्होंने कहा, "आओ आगे बढ़ें"...
भाजपा नेता निर्मल सिंह ने कहा कि,लगभग सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हुए कि जम्मू-कश्मीर में शांति होनी चाहिए और वहां लोकतांत्रिक तरीके से सरकार आनी चाहिए। पीएम ने सभी नेताओं से अपील की कि शांति तभी होगी, जब सभी मिलकर काम करेंगे|परिसीमन किया जाएगा और इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। परिसीमन आयोग सभी से चर्चा करेगा, उसके बाद चीजें आगे बढ़ेंगी|