पुरुलिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और असम के करीमगंज में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पहली रैली पुरुलिया में संबोधित कर रहे है| पुरुलिया में प्रधानमंत्री ने कहा कि,''ये विडंबना है कि आज पुरुलिया में पानी का संकट, बहुत बड़ी समस्या है। यहां के किसानों को, मेरे आदिवासी-वनवासी भाई-बहनों को इतना पानी भी नहीं मिलता कि वो सही से खेती कर सकें|
प्रधानमंत्री ने कहा कि,'टीएमसी सरकार सिर्फ अपने खेल में लगी है। इन लोगों ने पुरुलिया को दिया है- जल संकट,... इन लोगों ने पुरुलिया को दिया है- पलायन ......इन लोगों ने पुरुलिया के गरीबों को दिया है- भेदभाव भरा शासन..... इन लोगों ने पुरुलिया की पहचान बनाई है देश के सबसे पिछड़े क्षेत्र के रूप में| उन्होंने कहा,''''ये लोग कैसे काम करते हैं, इसका बहुत बड़ा उदाहरण है पुरुलिया पाइप्ड वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट। आठ साल हो गए, ये अब तक अधूरा है। साहेब बांध सरोवर की स्थिति भी आपके सामने है। यहां के किसानों को, यहां के लोगों को इसका जवाब कौन देगा दीदी|
प्रधानमंत्री ने कहा कि,'पुरुलिया सहित इस पूरे क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं। इसके लिए इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुधारना बहुत जरूरी है। पश्चिम बंगाल के हर हिस्से को रेल सेवा से जोड़ना हमारी प्राथमिकता में है| दलित, आदिवासी, पिछड़े इलाकों के हमारे युवा भी रोज़गार के अवसरों से जुड़ सकें, इसके लिए कौशल विकास पर और ज्यादा फोकस किया जाएगा। यहां के छाऊ कलाकारों, यहां के हस्तशिल्पियों को कमाई और मान सम्मान से जुड़ी दूसरी सुविधाएं मिले, ये सुनिश्चित किया जाएगा|
उन्होंने कहा,''मां-माटी-मानुष की बात करने वाली दीदी को अगर दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, वनवासियों के प्रति ममता होती, तो वो ऐसा नहीं करतीं। यहां तो दीदी की निर्मम सरकार ने माओवादियों की एक नई नस्ल बना दी है जो टीएमसी के माध्यम से गरीबों का पैसा लूटती है। पूरा बंगाल जानता है कि कोयला माफिया, बालू माफिया को यहां किसका संरक्षण मिला हुआ है। अपने राजनीतिक लाभ के लिए दीदी की सरकार, माओवादी हिंसा को भी बढ़ावा देती है|
प्रधानमंत्री ने कहा कि,''इस बार बंगाल के चुनाव में सिंडिकेट वालों की पराजय होगी। इस बार बंगाल के चुनाव में कट मनी वालों की पराजय होगी। इस बार बंगाल के चुनाव में तोलाबाजों की पराजय होगी| पश्चिम बंगाल में टीएमसी के दिन अब गिनती के रह गए हैं। और ये बात ममता दीदी भी अच्छी तरह समझ रही हैं। इसलिए वो कह रही हैं, खैला हौबे। जब जनता की सेवा की प्रतिबद्धता हो, जब बंगाल के विकास के लिए दिन-रात एक करने का संकल्प हो, तो खेला नहीं खेला जाता, दीदी|
दीदी को बंगाल के लोगों के हितों से ज्यादा खेल की चिंता पड़ी है। लेकिन दीदी ये भूल रही हैं, कि इस बार खुद बंगाल की जनता उनके विरोध में खड़ी है| दस साल के तुष्टिकरण के बाद, लोगों पर लाठियां-डंडे चलवाने के बाद, अब ममता दीदी अचानक बदली-बदली सी दिख रही हैं। ये हृदय परिवर्तन नहीं है, ये हारने का डर है। ये बंगाल की जनता की नाराजगी है, जो दीदी से ये सब करवा रही है|
बंगाल की जनता को याद है कि गाड़ी से उतर-उतर कर आपने कितने लोगों को डांटा-फटकारा है। तुष्टिकरण के लिए आपकी हर कार्रवाई बंगाल के लोगों को याद है। बंगाल की जनता को याद है जब आपने देश की सेना पर तख्तापलट की कोशिश का आरोप लगाया था| बंगाल के लोग बहुत पहले से मन बना चुके हैं। बंगाल के लोग बहुत पहले से कह रहे हैं- लोकसभा में TMC Half और इस बार पूरी साफ|
दीदी बोले खेला होबे, बीजेपी बोले विकास होबे। दीदी बोले खेला होबे, बीजेपी बोले शिक्षा होबे। दीदी बोले खेला होबे, बीजेपी बोले अस्पताल होबे|
दीदी अपनी खीज मुझ पर निकाल रही हैं। वो क्या-क्या नहीं कह रहीं! वो भाजपा के कार्यकर्ताओं पर भी भड़की हुई हैं। लेकिन हमारे लिए तो देश की करोड़ों बेटियों की तरह दीदी भी भारत की एक बेटी हैं, जिनका सम्मान हमारे संस्कारों में रचा-बसा है| इसलिए, जब दीदी को चोट लगी तो हमें चिंता हुई। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि उनके पैरों की चोट जल्द से जल्द ठीक हो|
बीते 10 सालों में कट, कमीशन और तोलाबाज़ी कल्चर का सबसे बड़ा नुकसान बंगाल के गरीब, दलित, वंचित, आदिवासी को ही हुआ है। यहां जो लाखों गरीबों को पक्के घर मिल रहे हैं, उसमें भी टीएमसी के तोलाबाज हर कदम पर अड़ंगा लगाते हैं| जब अम्फान साइक्लोन आया और बंगाल की जनता राज्य सरकार की ओर उम्मीद लगाए देख रही थी तो दीदी ने क्या किया था? अगर सहायता राशि चाहिए तो एक हिस्सा पार्टी ऑफिस में जमा करवाइए। नुकसान न भी हुआ हो तो भी आपको सहायता राशि मिल सकती है, बस एक ही शर्त है पार्टी ऑफिस में पैसा जमा कर दीजिए|
भाजपा की केंद्र सरकार की नीति है- DBT- यानि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर'। पश्चिम बंगाल में दीदी सरकार की दुर्नीति है- TMC- यानि 'ट्रांसफर माय कमीशन|
क्या हालत बना दी है दीदी ने बंगाल की? क्राइम है, क्रिमिनल है, लेकिन जेल में नहीं है! माफिया हैं, घुसपैठिए हैं, लेकिन खुलेआम घूम रहे हैं! सिंडिकेट है, स्कैम है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है| खबर है कि 24 उत्तर परगना में दर्जन से ज्यादा जगहों पर बमबाजी हुई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है। ये स्थिति ठीक नहीं है। ये बदले की हिंसा, ये अत्याचार, ये माफियाराज और नहीं चलेगा|
मैं बंगाल के लोगों को विश्वास दिलाता हूं, हर भाजपा कार्यकर्ता को विश्वास दिलाता हूं कि 2 मई को बीजेपी की सरकार बनने के बाद, हर अत्याचारी पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। बीजेपी की सरकार में, कानून का राज फिर से स्थापित किया जाएगा|
हम सब को मिलकर गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्वों के सपनों के सोनार बांग्ला का फिर से निर्माण करना है। वो सोनार बांग्ला, जहां बंगाल के स्वर्णिम गौरव का समावेश होगा और आत्मनिर्भर का सामर्थ्य होगा|वो सोनार बांग्ला जहाँ हर गरीब, मजदूर, आदिवासी, किसान भाई-बंधु एक सम्मानित जीवन जिए। वो सोनार बांग्ला जहाँ की माँ-बहन-बेटी सब सुरक्षित और भयमुक्त रहें। वो सोनार बांग्ला जहाँ के युवाओं के पास शिक्षा और रोजगार के भरपूर अवसर हों|वो सोनार बांग्ला जहाँ उद्योगों की कोई कमी न हो। वो सोनार बांग्ला जहाँ तोलाबाज???, कटमनी, सिंडिकेट जैसे भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह न हो। वो सोनार बांग्ला जहाँ गुंडे-अपराधी, उग्रवादियों की जगह जेल में हो, सड़कों पर नहीं|
बंगाल के एक-एक व्यक्ति को याद रखना है। ये समय अपनी मातृभूमि के लिए कुछ कर गुजरने का समय है, ये हमारे बंगाल को कुशासन से मुक्त करने का समय है, ये दमनकारी और अत्याचारी शासन से बंगाल को मुक्त करने का समय है, ये अपने आदर्शों और विचारों के लिए पूरी ताकत लगा देने का समय है|