आसनसोल:पश्चिम बंगाल में पांचवें चरण का मतदान जारी है और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी दौर के चुनाव के लिए रैली कर रहे हैं| पश्चिम बंगाल के आसनसोल में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'' बंगाल में जो सरकारें रहीं, उनके कुशासन ने आसनसोल को कहां से कहां पहुंचा दिया। जहां लोग चाकरी के लिए आते थे, आज यहां से लोग पलायन हो रहे हैं। मां-माटी-मानुष की बात करने वाली दीदी ने यहां हर तरफ माफिया राज पहुंचा दिया है| इस चुनाव में आपका एक वोट सिर्फ टीएमसी को साफ नहीं करेगा बल्कि आपका एक वोट यहां से माफिया राज को भी साफ करेगा|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'' दीदी ने बीते 10 सालों में विकास के नाम पर आपके साथ विश्वासघात किया है, दीदी विकास के हर काम में दीवार बनके खड़ी हो गईं। केंद्र सरकार ने 5 लाख के मुफ़्त इलाज की सुविधा दी तो दीदी दीवार बन गईं, केंद्र ने शरणार्थियों की मदद के लिए कानून बनाया तो दीदी इसका भी विरोध करने लगीं |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''कूचबिहार में जो हुआ, उस पर कल एक ऑडियो टेप आपने सुना होगा। 5 लोगों की दुखद मृत्यु के बाद दीदी किस तरह राजनीति कर रही हैं, ये इस ऑडियो से सामने आता है। इस ऑडियो में कूचबिहार के टीएमसी नेता को कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों के शवों के साथ रैली करो| दीदी, वोटबैंक के लिए कहां तक जाएंगी आप? सच्चाई ये है कि दीदी ने कूचबिहार में मारे गए लोगों की मृत्यु से भी अपना सियासी फायदा करने की सोची। शवों पर राजनीति करने की दीदी को बहुत पुरानी आदत है|
दीदी की आंखों पर अहंकार का पर्दा चढ़ा हुआ है। दीदी की राजनीति सिर्फ विरोध और गतिरोध तक सीमित नहीं है बल्कि दीदी की राजनीति प्रतिशोध की खतरनाक सीमा को भी पार कर गई है। बीते 10 साल में बीजेपी के अनेक कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है| किसी की दुखद मृत्यु पर, दीदी की संवेदना भी वोटबैंक का फिल्टर लगाकर ही प्रकट होती है। दीदी, पश्चिम बंगाल आपकी दुर्नीति से ही परेशान नहीं है, बल्कि बंगाल को आपकी नीयत पर भी शक है: प्रधानमंत्री
दीदी, ओ दीदी, आप जितनी चाहे साजिशें कर लीजिए, जितनी चाहे कोशिशें कर लीजिए। इस बार आपकी साजिश बंगाल के लोग खुद ही नाकाम कर रहे हैं। इस बार बंगाल के लोगों ने ही आपके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है: PM
अपने अहंकार में दीदी इतनी बड़ी हो गई हैं कि हर कोई उन्हें अपने आगे छोटा दिखता है। केंद्र सरकार ने अनेक बार अनेक विषयों पर बात करने के लिए बैठकें बुलाई हैं, लेकिन दीदी कोई न कोई कारण बताकर इन बैठकों में नहीं आतीं| जैसे कोरोना पर पिछली दो बैठकों में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं।
कोरोना पर पिछली दो बैठकों में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं। मां गंगा की सफाई के लिए देश में इतना बड़ा अभियान शुरू हुआ लेकिन दीदी उससे संबंधित बैठक में भी नहीं आईं| एक-दो बार न आने का तो समझ में आता है, लेकिन दीदी ने य???ी तरीका बना लिया है। दीदी, बंगाल के लोगों के लिए कुछ देर का समय नहीं निकाल पातीं। ये उन्हें समय की बर्बादी लगता है: PM
जब दीदी के तोलाबाज, कोरोना के दौरान भेजे गए राशन को लूटते हैं, तो वो उन्हें खुली छूट देती हैं। केंद्रीय टीमें चाहे सहयोग के लिए आएं या फिर करप्शन की जांच के लिए, दीदी उनको रोकने के लिए सारे संसाधन लगा देती हैं| दीदी केंद्रीय वाहिनी ही नहीं, सेना तक को बदनाम करती हैं, राजनीति के लिए झूठे आरोप लगाती हैं: PM