सिलिगुड़ी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के चुनाव में हुई हिंसा में TMC के 5 कार्यकर्ता की मौत के बाद राज्य का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कूचबिहार में शनिवार को हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने तीन दिन तक किसी भी नेता के वहां जाने पर रोक लगा दी है। इस राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क गईं। ममता ने चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग को अपना नाम बदलकर 'मोदी कोड ऑफ कंडक्ट' (एमसीसी) रख लेना चाहिए। अब ममता 14 अप्रैल को कूचबिहार के दौरे पर जाएंगी।
कल कूचबिहार में हुई घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि,ये नरसंहार है। वो उनको पैर या शरीर के निचले हिस्से में गोली मार सकते थे लेकिन सब गोलियां उन्हें गर्दन या छाती में लगीं|
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका गया है। ममता बनर्जी ने रविवार को ट्वीट कर चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी भड़ास निकाली। ममता ने लिखा, चुनाव आयोग (ईसी) को अपना नाम बदलकर एमसीसी यानी 'मोदी कोड ऑफ कंडक्ट' रख लेना चाहिए।
ममता ने आगे लिखा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी पूरी ताकत झोंक दे, लेकिन मुझे अपने लोगों का दर्द साझा करने से इस दुनिया में कोई नहीं रोक सकता है। ममता ने कहा कि मुझे कूच बिहार में तीन दिनों के लिए अपने भाइयों और बहनों से मिलने से रोक सकते हैं, लेकिन मैं चौथे दिन वहां पहुंचूंगी। मैं 14 अप्रैल को पीड़ित परिवारों से मिलूंगी, मुझे कोई नहीं रोक पाएगा।
ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में कहा कि मैं बंगाल की रॉयल टाइगर हूं। वो मुझे कूचबिहार जाने से रोक सकते हैं लेकिन मैंने सिलिगुड़ी में बैठकर वीडियो कॉल के जरिए मृतकों के परिवार वालों से बात की है। भाजपा पर हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वो जानते हैं कि चार चरणों के चुनाव में उन्हें हार मिली है, इसलिए वो बंदूकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि हम इन बंदूक की गोलियों का बदला बैलेट से लेंगे।
बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को हुए चौथे चरण के मतदान के दौरान कूचबिहार के सितालकुची में फायरिंग हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। इसके बाद चुनाव आयोग ने तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में 72 घंटे तक किसी भी नेता के प्रवेश पर रोक लगा दी। यही नहीं आयोग ने अगले चरण यानी पांचवें दौर के मतदान से 72 घंटे पहले ही चुनाव प्रचार बंद करने का फरमान भी जारी कर दिया। चुनाव आयोग के इस फैसल से ममता बनर्जी खासा नाराज हैं।