कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) के छठे चरण का मतदान छिटपुट हिंसा (Violnece) के बीच समाप्त हो गया| विभिन्न राजनीतिक दलों के 306 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई| पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के छठे चरण में 45 सीटों पर गुरुवार को मतदान हुआ। उत्तर 24 परगना की 17, नदिया की 9, पूर्वी बर्दवान की 8 और उत्तर दिनाजपुर की सभी 9 सीटों पर वोटिंग सुबह सात बजे शुरू हुई थी, जो शाम 07- 6.30 बजे तक समाप्त हो गई|
शाम 7 सात बजे तक 79.11 फीसदी हुई वोटिंग:चुनाव आयोग के मुताबिक शाम सात बजे तक 79.11 फीसदी वोटिंग हुई है।
दक्षिण दिनाजपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैं कोई खिलाड़ी नहीं हूं, लेकिन मैं खेलना जानती हूं। इससे पहले लोकसभा में मैं सबसे बेहतरीन खिलाड़ी थी। हम दिल्ली के दो गुंडो के आगे अपने बंगाल का समर्पण नहीं कर सकते।
शाम पांच बजे तक 79.76 फीसदी मतदान: पश्चिम बंगाल में छठे चरण में अपराह्न 5 बजे तक 79.76 % मतदान हुआ| उत्तर दिनाजपुर में 77.76 %, नदिया में 82.67%, उत्तर 24 परगना में 75.94 % और पूर्व बर्धमान 82.15% मतदान हुआ|
चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि पिछले चरणों में हुई हिंसा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। छठे चरण में निष्पक्ष मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की 1071 कंपनियों को तैनात किया है। इस चरण की सीटों पर मतुआ समुदाय का अच्छा प्रभाव है और उन्हें रिझाने के लिए भाजपा व टीएमसी ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। राज्य में अब तक 180 सीटों पर वोट डाले जा चुके हैं। शेष 114 सीटों पर चुनाव बाकी है।
इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, तृणमूल के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक और चंद्रिमा भट्टाचार्य तथा माकपा नेता तन्मय भट्टाचार्य शामिल हैं। इसके अलावा फिल्म निर्देशक राज चक्रवर्ती और अभिनेत्री कौसानी मुखर्जी भी तृणमूल प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
छठे चरण के चुनाव में आज 43 विधानसभा सीटों के लिए एक करोड़ से अधिक मतदाता 306 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले चरणों में हिंसा को देखते हुए सुरक्षा उपाय सख्त किए गए हैं। चौथे चरण के मतदान में 10 अप्रैल को कूच बिहार में पांच लोगों की मौत हो गई