कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी रहे और अब राजनीतिक धुर विरोधी बन चुके बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज मामलों का पूरा विवरण नहीं दिया है और कई तथ्य छुपाए हैं|
नंदीग्राम से भाजपा प्रत्याशी सुवेन्दु अधिकारी ने कहा,'' माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से नामांकन दाखिल किया। मैंने आज इसके खिलाफ आपत्ति जताई। ऐसे छह मामले हैं जिनका उन्होंने नामांकन पत्र में उल्लेख नहीं किया है । 2018 में असम में 5 मामले दर्ज किए गए लेकिन उन्होंने उनका उल्लेख नहीं किया| एक अन्य मामला जो CBI के पास लंबित है उन्होंने उसके बारे में भी उल्लेख नहीं किया है।अधिकारी ने कहा,'' मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नींव झूठ पर आधारित है। वे झूठी हैं|
सुवेन्दु अधिकारी ने सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ नंदीग्राम रिटर्निंग ऑफिसर के के पास एक शिकायत दर्ज की है, जिसमें मांग की गई है कि 5 आपराधिक मामलों के बारे में जानकारी वापस लेने के लिए उनका नामांकन खारिज कर दिया जाए और उनके खिलाफ सीबीआई के पास एक मामला लंबित हो|
इसके बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल आज कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचा| बीजेपी के शिशिर बाजोरिया ने कहा, "हमने चुनाव आयोग से सीएम के नामांकन को रद्द करने की मांग की, क्योंकि उनके खिलाफ 6 मामले दर्ज हैं, लेकिन उनके हलफनामे में उनका उल्लेख नहीं है।
बता दें कि बंगाल में 294 सीटों के लिए आठ चरणों में वोटिंग होगी| 27 मार्च को पहले चरण के लिए मतदान होंगे| पहले चरण में 38 सीटों पर वोटिंग होगी| दूसरे चरण का मतदान 1 अप्रैल को होगा, इसके तहत 30 सीटों पर लोग वोट डालेंगे| तीसरे चरण की वोटिंग के लिए 6 अप्रैल का दिन तय किया गया है, जहां 31 सीटों पर लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे|
10 अप्रैल को चौथे चरण में 44 सीटों पर वोटिंग होगी|पांचवें चरण का चुनाव 17 अप्रैल को होगा, जहां 45 सीटों पर वोट डाले जाएंगे| इसके अलावा 22 अप्रैल को छठे चरण में 41 सीटों, 26 अप्रैल को सातवें चरण के तहत 36 सीटों तो वहीं आखिरी और आठवें चरण में 35 सीटों पर वोटिंग होगी| नतीजे 2 मई को घोषित किए जाएंगे|