लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सोमवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी चार प्रदेशों- तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी- में बिना किसी गठबंधन के अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी| उन्होंने कहा,'देश के कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं, हमारी पार्टी केरल, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में चुनाव अकेले अपने बलबूते पर लड़ रही है। हमारी पार्टी इन चार राज्यों में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी|
सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा,''आगामी पंचायत चुनाव तथा विधानसभा का आमचनाव भी अकेले अपने बलबूते पर ही लड़ेगी। हमें इस बात का एहसास है कि हम जिस भी पार्टी से गठबंधन करके चुनाव लड़ते हैं तो ऐसी स्थिति में हमारा वोट तो ट्रांसफरेबल है. जिससे गठबंधन करते हैं उनको हमारा वोट ट्रांसफर हो जाता है लेकिन दूसरी पार्टी अपना वोट हमारे उम्मीदवार को ट्रांसफर नहीं करा पाती हैं।इसलिए हमें गठबन्धन से कोई लाभ नहीं मिलता है। मायावती ने सोमवार को पार्टी के संस्थापक कांशीराम की 87वीं जयंती पर उनको याद किया|
इस अवसर पर मायावती ने कहा,''देश के कई राज्यों में विधानसभा के लिए आमचुनाव हो रहे हैं और हमारी पार्टी भी पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु व पुडड्चेरी में यह चुनाव अकेले अपने बलबूते पर ही लड़ रही है और इस मामले में आज मैं मान्यवर श्री कांशीराम जी के जन्मदिन के खास मौके पर वहाँ अपनी पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से यह भी अनुरोध करती हूँ कि वे यह चुनाव पूरी दमदारी के साथ लडे तथा अपनी पार्टी का यहाँ बेहतर रिजल्ट भी दिखाने का हर सम्भव पूरा-पूरा प्रयास करें ताकि इन राज्यों में भी अपनी पार्टी की मुवमेन्ट आगे बढ़े तथा यहाँ अपने लोगों का भी कुछ भला हो सके।
बी.एस.पी उत्तर प्रदेश स्टेट कार्यालय में आयोजित इस प्रेसवार्ता को सम्बोधित करने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मायावती ने कहा कि,'' पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु व पुड्डुचेरी में बी एस पी. अकेले अपने बलबूते पर विधानसभा का आमचुनाव लड़ रही है तथा इससे किसको लाभ होगा या किसको हानि इससे हमारा मतलब नहीं है। बहुजन समाज पार्टी एक पार्टी के साथ-साथ एक मूवमेन्ट भी है। हमें इस बात का एहसास है कि हम जिस भी पार्टी से गठबंधन करके चुनाव लड़ते हैं तो ऐसी स्थिति में हमारा वोट तो ट्रांसफरेबल है, जिससे गठबंधन करते हैं उनको हमारा वोट ट्रांसफर हो जाता है लेकिन दूसरी पार्टियों अपना व???ट हमारे उम्मीदवार को ट्रांसफर नहीं करा पाती हैं। इसलिए हमें गठबन्धन से कोई लाभ नहीं मिलता है।
मायावती ने कहा,'बीएसपी वास्तव में शोषितों, पीड़ितों, गरीब व कमजोर तबकों तथा सताए हुए लोगों को उनके पैर पर खड़ा करने के लिए भाईचारे के आधार पर उनकी सामाजिक एकता व गठबंधन पर ही ज्यादा ध्यान देती है अर्थात् विरोधी पार्टियों व उनके नेताओं आदि के साथ गठबंधन करने पर पार्टी का ध्यान कम ही होता है। वैसे भी बीएसपी का भूवमेन्ट इन्हीं सताए हुए लोगों को अपने पाँव पर खड़ा करके सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करने का मिशन है, ना कि अन्य पार्टियों की तरह अवसरवादी राजनीति करने का तंत्र व माध्यम।
उन्होंने कहा,'''यूपी में भी BSP अकेले अपने बलबूते पर ही यहाँ शीघ्र ही होने वाला पंचायत चुनाव भी अपनी पूरी तैयारी व दमदारी के साथ लड़ेगी। हमलोग अन्दर-अन्दर तैयार में लगे हैं और अच्छा रिजल्ट दिखायेगे। हमारी पार्टी यूपी का अगला विधानसभा आमचुनाव भी अपने बलबूते पर लडेंगे। इस प्रकार यूपी का अगला विधानसभा आमचुनाव भी BSP अकेले अपने बलबूते पर बिना किसी दल/संगठन/पार्टी से गठगधन करके नही लड़ेगी तथा किसी के लिए भी एक सीट नहीं छोड़ेगी। इसके अलावा, वैसे भी बी.एस.पी, बात-बात पर धरना प्रदर्शन, मीडिया में गलत-सही छाए रहने का प्रयास, ज्यादा शोषेबाजी व तामझाम आदि करने वाली पार्टी नहीं है और इसीलिए बी.एस.पी. दसरी पार्टियों की तरह दिखावट व बनावट एवं पूंजीपतियों के धनबल पर शाहखर्ची आदि से काफी दूर है।
उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों के बेचे जाने से सम्बंधित एक सवाल के जवाब में मायावती ने कहा कि,'' केन्द्र हो या राज्य, सभी सरकारें इस प्रकार के फैसले लेती रहती है। BSP की सरकार में भी बन्द चीनी मिलों को बेचने का फैसला किसी मंत्री या किसी मुख्यमंत्री का निजी फैसला नहीं था बल्कि यह कैबिनेट का सामूहिक फैसला था तथा ऐसा करते समय सभी कायदे-कानून व नियमों आदि का पालन सुनिश्चित किया गया था।
कांग्रेस व प्रियंका गांधी के यूपी में गतिविधियों से सम्बन्धित एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए मायावती ने कहा कि,'' देश में लोकतंत्र है तथा हर पार्टी को अपने हिसाब से गठबंधन आदि करने का अधिकार है। कांग्रेस पार्टी यूपी में किससे गठबंधन करती है या अकेले लड़ती है यह तो उनकी पार्टी का अपना मामला व हिसाब-किताब है। बी.एस.पी अकेले अपने बलबूते पर आगामी पंचायत व आने वाला विधानसभा आमचुनाव लडेगी, यह निश्चित है। इसी के साथ प्रेसवार्ता समाप्त हो गई।
इसके अलावा उन्होंने कहा,''' मान्यवर श्री कांशीराम जी की पूरे देश में आज मनाई जा रही जयन्ती के बारे में यह भी बताना चाहती हूँ कि आज उनकी जयन्ती को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बी एस.पी. के लोग खासकर कोरोना नियमों का पालन करते हुये बहुत ही सादगी, शालीनता व अपार श्रद्धा के साथ इसे विभिन्न स्तर पर विचार-संगोष्ठी के रुप में मना रहे है, इसके साथ ही हमारी पार्टी की रही सरकार ने अनेकों कार्य करने के साथ-साथ यहाँ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इनके आदर-सम्मान में जो भव्य एवं विशाल मान्यवर श्री कांशीराम स्मारक स्थल बनाया है यहाँ पर व दिल्ली के नजदीक नोएडा में स्थित दलित प्रेरणा स्थल में भी बी.एस.पी. के लोग भारी संख्या में पहुंचकर आज इनको अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे है। उन सभी का भी मैं पूरे तहेदिल से आभार प्रकट करती हैं। साथ ही उनसे इनके बताये हुये रास्तों पर चलने की भी अपील करती हूँ और यदि ये लोग ऐसा कर लेते है तो फिर यही इनके जन्मदिन के मौके पर आज इनकी सच्ची श्रद्धा भी होगी। इस उम्मीद के साथ ही अब मैं पुनः मान्यवर श्री कांशीराम जी को पूरे तहेदिल से नमन व अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुये अपनी बात यही समाप्त करती है।