● वैक्सीन ZyCoV-D के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी
● 3 डोज वाला DNA वैक्सीन ZyCoV-D को मिली मंजूरी
● 12 साल से ऊपर के लोगों को लगेगी ZyCoV-D वैक्सीन
● ZyCoV-D दुनिया की पहली DNA आधारित वैक्सीन है।
नई दिल्ली: Zydus Cadila की कोरोना वैक्सीन ZyCoV-D को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की मंजूरी मिल गई है| जायडस कैडिला की वैक्सीन ZyCoV-D को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने शुक्रवार को आपात इस्तेमाल की इजाजत दे दी है. अब तक कुल 6 वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी है|
इसे 12 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को दिया जाएगा| कोरोना वायरस के खिलाफ यह दुनिया का पहला DNA बेस्ड वैक्सीन है, जिसे भारतीय कंपनी ने विकसित किया है| कोविशील्ड, कोवेक्सीन, स्पुतनिक, मोडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के बाद भारत को कोरोना की एक और वैक्सीन मिल गई है|
Zydus Cadila की ZyCoV-D कोरोना वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इमर्जेंसी यूज ऑथराइजेशन दे दिया है. इस वैक्सीन का भारत में तीन चरण का ट्रायल हुआ है| COVID-19 के लिए दुनिया का पहला और भारत का स्वदेशी रूप से विकसित डीएनए आधारित वैक्सीन 12 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों सहित मनुष्यों में लगाया जाएगा।
तीन डोज वाले इस वैक्सीन को 4-4 हफ्तों के अंतराल पर दी जा सकती है| ये पहली plasmid डीएनए वैक्सीन है| इसमें इंजेक्शन का इस्तेमाल नहीं बल्कि ये वैक्सीन नीडल फ्री है, इसे जेट इंजेक्टर के ज़रिए दिया जा सकेगा।PharmaJet® एक सुई मुक्त ऐप्लिकेटर दर्द रहित इंट्राडर्मल वैक्सीन डिलीवरी सुनिश्चित करता है| इस वैक्सीन को 12 से 18 साल के करीब हजार बच्चों पर भी ट्रायल किया गया और सुरक्षित पाया गया|