जयपुर : राजस्थान में सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि राजस्थान में जो कुछ भी तमाशा हो रहा है' उसे बंद करवाएं,हॉर्स ट्रेडिंग के रेट बढ़ गए हैं| मुख्यमंत्री,अशोक गहलोत ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का बड़ा खेल खेल रही है|
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि,''भाजपा का हॉर्स ट्रेडिंग का खेल बहुत बड़ा है, उनके मुंह खून लग चुका है, कर्नाटक में, मध्य प्रदेश में, इसलिए वो यहां प्रयोग कर रहे हैं। पूरा गृह मंत्रालय इस काम में लगा है। धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल की तरह कई मंत्री लगे हुए हैं। कई छुपे रुस्तम भी हैं|
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि,'मोदी जी को प्रधानमंत्री होने के नाते चाहिए कि राजस्थान में जो कुछ भी तमाशा हो रहा है उसे बंद कराएं, हॉर्स ट्रेडिंग के रेट बढ़ गए हैं। जैसे ही विधानसभा सत्र की घोषणा हुई इन्होंने और रेट बढ़ा दिए |उन्होंने कहा कि, हम तो लोकतंत्र की परवाह कर रहे हैं। हमारी लड़ाई किसी से नहीं है, राहुल गांधी जी ने कहा था गुजरात के अंदर कि विचारधारा आरएसएस की, बीजेपी की रहेगी देश के अंदर, हमें ऐतराज़ भी नहीं है। लोकतंत्र में विचारधारा की, नीतियों की, कार्यक्रमों की लड़ाई होती है।लड़ाई ये नहीं होती है कि आप चुनी हुई सरकार को बर्बाद कर दो, टॉपल कर दो, फिर लोकतंत्र कहां बचेगा? लड़ाई हमारी लोकतंत्र को बचाने के लिए है, व्यक्तिगत किसी के खिलाफ नहीं है।
साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि, कोविड की स्थिति पर सभी मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस फिर से की जाए| मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड की स्थिति पर मैं प्रधानमंत्री जी को पत्र लिख रहा हूं कि सभी मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस फिर से की जाए। कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। हमारे यहां मृत्यु दर पहले 2% के आसपास थी, अब यह 1% नीचे आ गई है |
उन्होंने कहा कि,कोविड की जो स्थिति बन रही है पहले प्रधानमंत्री जी के साथ में लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंस हो रही थी, अब काफी दिन हो गए, 17 जून को हुई थी लास्ट। मैंने ट्वीट भी किया है और आज उनको पत्र भी लिख रहा हूँ कि आप सभी CMs की वापस वीडियो कॉन्फ्रेंस करें और दो दिन के लिए हो वो अच्छा रहेगा ताकि हर CM को बोलने का अवसर मिलेगा।कई बार क्या होता है एक दिन के लिए करते हैं तो आधे लोग बोल पाते हैं, आधे लोग नहीं बोल पाते हैं। काफी दिन हो गए तो हम चाहेंगे कि कम से कम सभी मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे,उनका फीडबैक मिलेगा कि राज्यों में क्या स्थिति है और केंद्र से उनको क्या इमदाद चाहिए।
इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि,'विधानसभा सत्र के लिए 14 अगस्त की तारीख तय होते ही हार्स ट्रेडिंग के रेट बढ़ने लगे हैं| मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि,''जैसे ही 14 तारीख आई है Assembly की, उसी वक्त से पहले जो पहली किश्त 10, दूसरी किश्त 15 की थी, आपको जानकर आश्चर्य होगा, अब अनलिमिटेड हो गई है, अब पूछा जा रहा रहा है- आप बताओ क्या चाहिए आपको? इसका मतलब 25 से हॉर्स ट्रेडिंग की रेट और बढ़ गई है। मॉनिटरिंग कौन कर रहा है, सबको मालूम है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि,''ये पूरा खेल डिले करने का इसलिए होता है, जिससे कि बीजेपी ने हॉर्स ट्रेडिंग करने का जो ठेका ले रखा है और बीजेपी के बिहाफ पर जो हमारी खुद की पार्टी के कुछ नेताओं ने ठेका ले रखा था, उसके माध्यम से हॉर्स ट्रेडिंग हुई है, सबको मालूम है। 'पूरा खेल बीजेपी का है और बीजेपी को जनता माफ नहीं करेगी...जनता सब देख रही है और बीजेपी को चाहिए, अमित शाह जी को चाहिए कि सरकार गिराने के इरादे छोड़ें, देश के अंदर उससे लोकतंत्र कमजोर होगा, जनता के जीवन को बचाना है, उसके लिए सबको लगना चाहिए।
शुक्रवार को गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि,'अमित शाह रात-दिन, जागते-सोते हर वक्त सोचते हो किस तरह मैं गवर्नमेंट को गिराऊं।उन्होंने पूछा,''चुनी हुई सरकारें यदि इस तरह से गिरने लगेंगी, तो देश में डेमोक्रेसी कहां बचेगी..?डेमोक्रेसी नहीं रहेगी तो देश का क्या होगा..?
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने था कहा कि,'अमित शाह जी का नाम मैं बार-बार इसलिए लेता हूं कि फोरफ्रंट पर वो ही आते हैं, कर्नाटक के लिए भी, MP के लिए भी, गोवा हो,मणिपुर हो,अरुणाचलप्रदेश हो,तो मजबूरी में कहना पड़ता है कि अमित शाह जी आपको क्या हो गया है? आप रात-दिन, जागते-सोते हर वक्त सोचते हो किस तरह मैं गवर्नमेंट को गिराऊं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल करते हुए कहा कि,चुनी हुई सरकारें यदि इस तरह से गिरने लगेंगी, तो देश में डेमोक्रेसी कहां बचेगी? पूरे देश के अंदर डेमोक्रेसी बचाने का अभियान हम चला रहे हैं। डेमोक्रेसी बचे, पार्टियां आएंगी-जाएंगी, सरकारें बनेंगी-जाएंगी, व्यक्ति आएंगे जाएंगे, परंतु डेमोक्रेसी नहीं रहेगी तो देश का क्या होगा?