जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर राज्य स्तरीय बाल अधिकार सप्ताह का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्नी सुनीता गहलोत के साथ समारोह में चाचा नेहरू बने बच्चों के संग गुब्बारे उड़ाकर बाल सप्ताह का शुभारंभ किया। बच्चों ने गुलाब का फूल भेंट देकर अभिनंदन किया। इसके बाद राज्य स्तरीय बाल अधिकार सप्ताह के पोस्टर का विमोचन भी किया।
इस दौरान बच्चों ने आत्मरक्षा तकनीक का प्रदर्शन और बेटियों की महत्ता को दर्शाते गीत का गायन किया। समारोह के दौरान बाल हितैषी पंचायत अभियान जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती 'बाल दिवस' के अवसर पर जयपुर में त्रिपोलिया गेट से रामनिवास बाग स्थित नेहरू जी की प्रतिमा तक निकाली गई प्रतीकात्मक "भारत जोड़ो पदयात्रा"
CM अशोक गहलोत ने कहा,''प्रदेश में बाल हितों के संरक्षण के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। विभाग और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग भी इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से वंचित न रहे। उन्हें आगे बढ़ने के हर अवसर सुलभ हों।
अशोक गहलोत ने कहा,'' आज के दिन हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि बच्चों का भविष्य शानदार बनाने के लिए हम जो कर सकते हैं वो करेंगे। अगला बजट युवाओं, छात्रों और बच्चों के लिए होगा। प्रदेशवासी हमें इस पर सुझाव दे सकते हैं और लोग दे भी रहे हैं तो हम उसके हिसाब से बजट में सुधार करेंगे|
राजस्थान CM अशोक गहलोत ने कहा,''देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की जो सोच थी, जो उनका विजन था उसका नई पीढ़ी को हम लोग संदेश दें, आत्मसात करें और देश के लिए अपने आपको समर्पित करें, प्रतिबद्ध करें एवं देश सेवा के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए हम तैयार रहें, ये हमारी सोच होनी चाहिए।
CM अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय बाल अधिकार सप्ताह के शुभारंभ समारोह को संबोधित किया। गहलोत ने कहा,''बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। बच्चों एवं युवा पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए जाएं। इनका शिक्षित होने के साथ ही संस्कारी होना भी आवश्यक है।
इसके लिए जरूरी है कि बच्चों को देश-प्रदेश की महान संस्कृति, महापुरूषों के आदर्शों, संघर्ष, त्याग, बलिदान एवं समर्पण के बारे म??ं पढ़ाया जाएं।बच्चों से कहा कि वे महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित आजादी और देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाने वाले महापुरूषों की जीवनी पढ़ें। बच्चे देश के स्वर्णिम इतिहास को जानने के साथ संस्कारवान बनें।