जयपुर: राजस्थान राजनीतिक संकट: राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खचरियावास ने कहा,'इतना जल्दी पर्यवेक्षकों को नाराज नहीं होना चाहिए। ऐसे गुस्सा राजनीति में नहीं होता। अनुशासनात्मक कार्रवाई तो हमें भाजपा पर करनी चाहिए। हमें भाजपा के MLAs तोड़ने चाहिए। हम अपने लोगों से नहीं लड़ना चाहते, हमें तो भाजपा से लड़ना है|
प्रताप सिंह खचरियावास ने कहा,'अनुशासनात्मक कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए थी जो मानेसर गए थे। विधायक सोनिया जी के हर फैसले को मानने को तैयार हैं। मीडिया के जरिए धारणा बनाकर PM या CM की कुर्सी पर कब्जा नहीं कर सकते, जनता का विश्वास जीतने के लिए संघर्ष करने पड़ते हैं|
मंत्री महेश जोशी ने सोमवार को कहा था, 'दो दिन पहले विधायक दल की बैठक हुई थी अचानक पिर से बैठक आ गई जिस पर लोगों के मन में सवाल आया कि फिर से बैठक क्यों बुलाई गई है... 7 बजे बैठक थी और हमने लोगों को धारीवाल जी के घर पर 5 बजे विचार-विमर्श के लिए बुलाया| हमारा मकसद था कि विधायक दल की बैठक में तरह-तरह की बातें न उठे और इसलिए हमने आपस में बात करने का निर्णय लिया था|
महेश जोशी ने कहा,'वहां पर सारी बातें साफ तरीके से हुई और सभी विधायकों ने हमारी बात का समर्थन किया। मैं नहीं समझता कि किसी भी विधायक ने बिना पढ़े पत्र पर हस्ताक्षर किया और अगर किसी ने बिना पढ़े हस्ताक्षर किया है तो वे अध्यक्ष से जाकर मिल सकते हैं| हमारी मांग है कि जिन्होंने कांग्रेस को कमज़ोर करने की और सरकार गिराने की कोशिश की उनमें से किसी को भी CM के पद लिए न चुना जाए|
राजस्थान सरकार में मंत्री शांति धारीवाल ने कहा था,''राजस्थान के MLA गद्दारों को पुरस्कृत करना बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे व्यक्ति को CM बनाने के लिए एक महासचिव खुद प्रचार कर रहे हैं, ऐसे में ज़ाहिर तौर पर MLA को नाराज़ होना ही था। मेरे पास नाराज़ MLA के फोन आए| हम 34 दिन (2020) तक होटलों में इकट्ठा हुए थे आप उनमें से किसी को भी मुख्यमंत्री बनाओ। सोनिया जी जिसे कहेंगी उसे मुख्यमंत्री बनाया जाएगा|
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद AICC पर्यवेक्षक अजय माकन ने सोमवार को कहा था,''मल्लिकार्जुन खड़गे और मैंने राजस्थान में हमारी बैठक के बारे में कांग्रेस अध्यक्षा को विस्तार से जानकारी दी।