जयपुर: कृषि अध्यादेशों के मुद्दे पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला है| उन्होंने कहा कि,;हाल ही में केंद्र सरकार ने जो 3 अध्यादेश जारी किए हैं, देश के किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि बिना संसद में चर्चा, राज्य सरकारों, किसानों से चर्चा के इस प्रकार से थोपा गया है जहां MSP को खत्म करने,मंडियों को बंद करने का काम कर रहे हैं|
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि,''केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा कृषि एवं कृषि व्यापार से संबंधित लाए गए तीन कानून पूर्णतः कृषि एवं किसान विरोधी हैं। कृषि राज्य का विषय है, परन्तु केन्द्र सरकार ने पुनः तानाशाही रवैये का परिचय देते हुए राज्यों, किसान संगठनों एवं राजनैतिक दलों से किसी प्रकार की सलाह नहीं ली।
सचिन पायलट ने कहा कि,''वर्ष 2014 में भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही अन्नदाताओं के लिए भूमि मुआवजा कानून रद्द करने हेतु एक अध्यादेश प्रस्तुत किया, परन्तु श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस एवं किसानों के विरोध के कारण मोदी सरकार को अपने किसान विरोधी कदम पीछे खींचने पड़े।
कांग्रेस नेता ने कहा कि,''केन्द्र सरकार को किसान संगठनों, राजनैतिक दलों, मण्डी व्यापारियों और कृषि विशेषज्ञों से चर्चा कर इन कानूनों पर पुनर्विचार करें, जिससे देश के अन्नदाताओं की वास्तविक दशा में बदलाव लाकर हम उन्हें सुदृढ़ बना सकें।
बता दें कि किसानों ने आशंका जताई है कि इन अध्यादेशों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को खत्म करने का रास्ता साफ होगा और वे बड़े कॉरपोरेट घरानों की ‘दया’ के भरोसे रह जाएंगे| वे इन अध्यादेशों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं|
कृषि संबंधी तीन विधेयकों से नाराज सैकड़ों किसानों ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में प्रमुख राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया, ताकि संसद में इन्हें कानून न बनाया जा सके।प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर पंजाब के किसी भी सांसद ने संसद में कृषि विधेयकों का समर्थन किया तो उन्हें गांवों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।