जयपुर: राजस्थान में विधानसभा सत्र शुरू हो गया है। राजस्थान के कानून और संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने राज्य विधानसभा में विश्वास मत के लिए प्रस्ताव रखा|सत्र के शुरू होते ही विधानसभा को 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया|दो घंटे स्थगित रहने के बाद विधानसभा सत्र फिर शुरू हो गया है।विधानसभा सत्र में सबसे पहले चीन सीमा पर गलवां घाटी क्षेत्र में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद कांग्रेस ने विश्वास मत का प्रस्ताव रखा।
1 बजे कार्यवाही शुरू होते ही गहलोत सरकार में कानून और संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया| सचिन पायलट ने सदन में अपने भाषण की शुरूआत करते हुए कहा, 'मुझे विपक्ष के पास इसलिए बिठाया गया, क्योंकि सीमा पर सबसे ताकतवर योद्धा को भेजा जाता है| पायलट ने कहा, 'आज मैं जब सदन में आया तो देखा कि मेरी सीट पीछे की ओर रखी गई है। मैं राजस्थान से आता हूं जो पाकिस्तान की सीमा पर है। बॉर्डर पर सबसे मजबूत सिपाही तैनात रहता है। मैं जब तक यहां बैठा हूं, सरकार सुरक्षित है।' दरअसल, बहस के बीच विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ बार-बार पायलट का नाम ले रहे थे। जिस पर पायलट ने बीच में खड़े होकर स्पीकर से यह बात कही।
राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने कहा,मैं पहले जिस सीट पर बैठता था, वहां मैं सुरक्षित था। फिर मैंने सोचा कि मुझे अलग सीट क्यों आवंटित की गई है। मैंने देखा कि यह सीमा है - एक तरफ सत्ताधारी पार्टी, दूसरी तरफ विपक्ष। सीमा पर किसे भेजा जाता है? सबसे मजबूत योद्धा|
सचिन पायलट ने कहा, मैं हो या मेरा कोई भी दोस्त, हमने 'डॉक्टर' से सलाह ली और हम सभी 125 लोग 'ट्रीटमेंट' के बाद आज सदन में खड़े हैं ... इस सीमा पर बमबारी हो सकती है, लेकिन हम कवच होंगे और इसे सब कुछ बनाए रखेंगे सुरक्षित| 'इस सरहद पर कितनी भी गोलीबारी हो, मैं कवच और भाला लेकर सरकार को बचाने के लिए खड़ा हूं| मुझे सरहद पर बिठाया गया है| सरहद पर सबसे मजबूत योद्धा को भेजा जाता है.' पायलट ने सदन में बीजेपी के उप-नेता राजेंद्र राठौड़ को उनके भाषण के बीच में रोककर यह बात कही.