जयपुर: राजस्थान में तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस की बैठक में सचिन पायलट को लेकर बड़ा फैसला लिया गया| बैठक में सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्रिपद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया|उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद बोले सचिन पायलट-सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं|
जयपुर के फेयरमोंट होटल में चल रही कांग्रेस विधायक दल (CLP)की बैठक में उपस्थित 102 विधायकों ने मांग की है कि सचिन पायलट को पार्टी से हटा दिया जाना चाहिए| इसके बाद बैठक में सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्रिपद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया|
राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट ने ट्वीट किया,''सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं|
कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक के बाद कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा भाजपा ने एक षडयंत्र के तहत राजस्थान की जनता के सम्मान को चुनौती दी है| साजिश के तहत संपूर्ण बहुमत से जनता की ओर से चुनी गई कांग्रेस की सरकार को अस्थिर कर गिराने की कोशिश की है| उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धन बल और सत्ता बल के दुरुपयोग से ED और Income Tax के दुरुपयोग से कांग्रेस और स्वंतंत्र विधायकों को खरीदनो की कोशिश की है|
उन्होंने कहा कि राजस्थान के विधायकों को खऱीदने की साजिश की जा रही थी| हमें इस बात का खेद जरूर है कि सचिन पायलट और कांग्रेस के कुछ और विधायक और मंत्री भाजपा के जाल के अंदर उलझ कर कांग्रेस की सरकार को गिराने में शामिल हो गए| रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हमने कहा कि खुले दिल से कहा कि आप वापस आईए| जो परिवार में बैठ कर सब सुलझाएंगे| जो ताकत कांग्रेस नेतृत्व ने सचिन पायलट को इतनी कम उम्र में इतनी ताकत दी उतनी ताकत किसी नेता को कभी नहीं मिली|
बता दें कि कांग्रेस की तरफ से सचिन पायलट को आज की बैठक में आमंत्रित किया गया था लेकिन पायलट ने इस मीटिंग से किनारा करके साफ कर दिया कि वह इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं|