जयपुर: वरिष्ठ कांग्रेस नेता जनार्दन सिंह गहलोत का बुधवार को जयपुर में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। जर्नादन गहलोत के जाने से जहां प्रदेश के राजनेताओं में शोक की लहर है। वहीं खेल जगत को भी इससे बड़ा झटका लगा है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा और मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी सहित कई नेताओं ने शोक जताया है।
जर्नादन गहलोत के निधन के बाद अब सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दिंवगत के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। अशोक गहलोत ने ट्वीट किया,''पूर्व मंत्री एवं इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन के फाउंडर प्रेसिडेंट रहे श्री जनार्दन सिंह गहलोत के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं। राजनीतिक क्षेत्र एवं खेल जगत में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। ईश्वर शोकाकुल परिजनों को यह आघात सहने की शक्ति दें एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
सचिन पायलट ने ट्वीट किया,'' पूर्व मंत्री एवं अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष रहे श्री जनार्दन सिंह गहलोत जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूँ। राजनीतिक क्षेत्र व खेल जगत मे उनके अमूल्य योगदान को सदैव याद किया जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
बता दें कि प्रदेश में एक दौर में संजय गांधी के खास माने जाने वाले जर्नादन गहलोत ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत एनएसयूआई से की थी। जब अशोक गहलोत राजनीति में आए, तो जर्नादन गहलोत कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव थे। राजस्थान से उन्होंने चार बार चुनाव जीता। तीन बार जर्नादन करौली से जीते। वहीं एक बार जयपुर से उन्होंने बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व उपराष्ट्रपति दिवंगत भैरोसिंह शेखावत को हराया।जनार्दन सिंह गहलोत कांग्रेस नेता संजय गांधी के भी बेहद करीबी माने जाते थे।
जनार्दन युवा कांग्रेस (एनएसयूआई) के अध्यक्ष के साथ लगभग 20 साल तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं उपाध्यक्ष रहे तथा करौली से तीन बार 1980, 1990 व 1998 एवं जयपुर से एक बार पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत को हराकर राजस्थान विधानसभा के लिए चुने गए। के साथ ही वे अंतरराष्ट्रीय एवं एशियाई कबड्डी महासंघ के अध्यक्ष, भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के साथ-साथ राजस्थान ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहे।