भोपाल: मध्य प्रदेश के झाबुआ के SP अरविंद तिवारी को कॉलेज के छात्रों को फोन पर कथित रूप से धमकाने और गाली देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने CS और DGP को झाबुआ के SP को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद SP अरविंद तिवारी को छात्रों को धमकाने और गाली देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है।
मंगलवार को झाबुआ कलेक्टर सोमेश मिश्रा को भी हटा दिया गया है। रविवार को क्षेत्र के दौरे के दौरा??? उन्हें कई शिकायतें मिलीं थी। इस आधार पर कलेक्टर पर कार्रवाई की गई है। इनकी जगह पर रजनी सिंह उईके को कलेक्टर झाबुआ बनाया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,''मुझे जानकारी मिली थी कि तत्कालीन एसपी झाबुआ ने मेरे भांजों को अपशब्द बोले थे। मैंने सवेरे ही जांच के आदेश दिए थे कि क्या वास्तव में यह उनकी आवाज है। अभी मेरे पास रिपोर्ट आ गई है की यह तत्कालीन एसपी झाबुआ की ही आवाज थी। चौहान ने कहा,'बच्चों के लिए जो अपशब्दों का इस्तेमाल करे, उसे मैं किसी भी कीमत पर सहन नहीं कर सकता। इसलिए मैं तत्काल प्रभाव से तत्कालीन एसपी झाबुआ को निलंबित करता हूं।
दरअसल झाबुआ के पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों के दो समूह के बीच विवाद हुआ था। मामला मारपीट से खूनी संघर्ष तक पहुंच गया था। जब छात्रों को जान का खतरा हुआ तो वे झाबुआ थाने रविवार रात को पुलिस से मदद मांगने के लिए पहुंचे। इस दौरान एक छात्र ने झाबुआ एसपी तिवारी से मोबाइल पर बातचीत की ।
छात्र ने एसपी से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि उनके कॉलेज में छात्रों के समूह ने कब्जा कर लिया है। बेल्ट व हथियार जमा कर रखे है। उन्हें डराया व धमकाया जा रहा है। उनकी जान को खतरा है। वे वापस कॉलेज नहीं जा सकते क्योंकि डर लग रहा है। उन्हें सुरक्षा दी जावे। इसके जवाब में एसपी छात्रों से सहानुभूति जताने की बजाए गाली-गलौच करने लगे। साथ ही छात्र को थाने में जूते मारकर बंद करने की बात भी कही। जब छात्र ने कहा कि वे 40 छात्र हैं, तो एसपी ने कहा दिया कि 40 को ही थाने में बंद कर देंगे। थाने से अच्छी सुरक्षा कही नही मिल सकती है।