कन्नौज: जातिगत जनगणना कराने को लेकर हो रही मांग के बीच कन्नौज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुब्रत पाठक ने धार्मिक जनगणना की मांग की हैं| सुब्रत पाठक ने कहा,''अगर अखिलेश यादव जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं तो मैं उसमें जोड़ना चाहता हूं और धार्मिक जनगणना की मांग करूंगा ताकि लोगों को पता चल सके कि अल्पसंख्यक किस हद तक बढ़े हैं। पहले धार्मिक जनगणना हो फिर जातिगत जनगणना होनी चाहिए|
भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने कहा,''अखिलेश जी जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं तो मैं उसमें धार्मिक जनगणना की मांग जोड़ता हूं, क्योंकि विभाजन संप्रदाय के आधार पर हुआ था। उस समय देश में 7% अल्पसंख्यक थे, अब कितने हैं? कितने मुस्लिम, ईसाई हैं इसकी जनगणना होनी चाहिए|
गौरतलब है कि अखिलेश यादव जातिगत जनगणना कराने की मांग को लेकर मुखर हैं| अखिलेश ने विधानसभा में आज (मंगलवार यानी 28 फरवरी को ) जातीय जनगणना पर सभी विपक्षी दलों का समर्थन मांगते हुए कहा कि जबतक जातीय जनगणना नहीं होगी, तब तक सबका साथ, सबका विकास नहीं हो सकता है। तभी बराबरी का सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जातीय जनगणना के खिलाफ है तो उसे आऊट सोर्स की व्यवस्था भी समाप्त कर देनी चाहिए।
CM योगी द्वारा लगाए गए एसडीएम के पद पर 86 में से 56 पदों पर एक ही जाति (यादव) का चयन होने के आरोप के जवाब में अखिलेश ने आंकड़ा पेश किया। उन्होंने कहा कि ,''2011 में एसडीएम हुए वो 30 थे जिसमे मात्र 5 यादव थे| बाकी और जाति के थे, 2012 में 4 थे, 2015 में 3 थे। मैं नेता सदन से कहूँगा कि यदि सूची हो तो दें, इसीलिए कहता हूँ कि जातीय जनगणना होनी चाहिए।" उन्होंने सरकार से 56 लोगों की सूची सदन में रखने की भी मांग दोहराई।