● क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच कर चार अभियुक्तों को दबोचा
● गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक नाइजीरियन युवक भी शामिल
● जाजमऊ के रहने वाले युवक से की थी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी
● शिकार युवक चेन्नई की कंपनी में बतौर प्रोडक्शन इंजीनियर कर रहा था काम
● अमेरिका की मोबिलआयल कंपनी Exxonmobil में नौकरी का दिया झांसा
● एचआर कंपनी के नाम से बना रखी थी ईमेल आइडी
कानपुर: विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गैंग का कमिश्नरेट पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गैंग के चार सदस्य भी दबोचे हैं जिनमें से एक नाइजीरियन युवक भी शामिल है। पकड़े गये अभियुक्तों से पुलिस पूछताछ कर रही है। क्राइम ब्रांच की टीम ठगी के इस पूरे नेटवर्क को भी खंगाल रही है।
घटनाक्रम के मुताबिक थाना जाजमऊ निवासी दीप मंडल पुत्र दीनाबंधु मंडल को बीते साल की एक जून को एक ईमेल प्राप्त हुआ। दीप ने चेन्नई से बीटेक किया था और वहीं पर बतौर प्रोडक्शन इंजीनियर काम करता था। ईमेल पर दीप मंडल को अमेरिका की मोबिल आयल कंपनी Exxonmobil में नौकरी का आफर दिया गया था।
इसके बाद दीप ने आगे की प्रक्रिया अपनाते हुए आगे बढ़ा। इसके बाद मोबिल आयल कंपनी से लूलू एल जानसन नाम के व्यक्ति ने फोन पर बात की और वीजा, के नाम पर 12850 रुपये गौरव उप्रेती नाम के व्यक्ति के आईसीआईसीआई बैंक के खाते में भेज दिये।
इसके बाद अलग-अलग नंबरों से विदेशी कंपनी के अधिकारी बनकर मैसेज आने लगे। कोई एम्बेसी का अधिकारी बनकर बात करता रहा तो कोई कंपनी के एचआर विभाग से। कुल मिलाकर दीप से करीब 5 लाख की ठगी कर ली। नौकरी के नाम पर लगातार पैसा मांगने से दीप को अपने साथ हुई ठगी का अंदाजा लगा। इसके बाद 14.03.2022 को दीप ने थाना जाजमऊ में मुकदमा लिखाया। मामले की जांच एसीपी कैंट द्वारा की जा रही है।
इसी बीच मामला जब थाना जाजमऊ से क्राइम ब्रांच के पास आया तो टीम ने जांच करते हुए चार अभियुक्तों को पकड़ लिया। एक-एक करके क्राइम ब्रांच ने तार जोड़ने शुरू कर दिये और पूरा मामला परत दर परत खुलता चला गया। दीप मंडल से ठगी करने के बाद नाइजीरियन युवक फिर से अपने साथियों के साथ किसी नये शिकार की तलाश में आए थे। इधर पहले से ही अभियुक्तों को अपने राडार पर लिये क्राइम ब्रांच टीम ने तीनों को झकरकटी बस अड्डे से दबोच लिया।
पकड़े गये अभियुक्तों की पहचान अश्वनी कुमार पुत्र वीरपाल उम्र 22 वर्ष और अमन कुमार पुत्र वीरपाल उम्र 19 वर्ष निवासी न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी चौधरी टेंट हाउस के पास, थाना कोतवाली इटावा, शान खान पुत्र सलीम खान उम्र 26 वर्ष निवासी मकान नंबर 88, गली नंबर 01, न्यू अज्जी कॉलोनी, थाना आदर्श नगर वल्लभ गढ़ हरियाणा के रूप में हुई। इन सभी ने अपने बैंक खाते नाइजीरियन अभियुक्त Moses S/O Ujevwecha निवासी चंदेर नगर दिल्ली को दिये थे। ठगी की रकम इन्हीं अभियुक्तों के खाते में आती थी। क्राइम ब्रांच की टीम पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। आने वाले दिनों में कुछ अन्य अभियुक्तों के भी नाम सामने आ सकते हैं।
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने साइबर सेल टीम को 10 हजार इनाम देने की घोषणा की।