●एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर आईआईटी कर्मी के साथ साइबर ठगी
● 10 घंटे में क्राइमब्रांच ने दिलाया पैसा
कानपुर: साइबर ठगों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन क्राइम ब्रांच के आगे ठगों के सारे पैतरे फेल साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को साइबर ठगों ने आईआईटी कानपुर के एक कर्मी को एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाकर 46,596 रुपये ठग लिये। कर्मचारी को अपने साथ हुई ठगी का जल्द ही एहसास हुआ तो उन्होंने कमिश्नरेट पुलिस की क्राइम ब्रांच में शिकायत कर दी। त्वरित कारवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने पूरी रकम होल्ड करवाकर महज 10 घंटे में वापस करवा दी।
घटनाक्रम के मुताबिक हर्ष चौहान निवासी आईआईटी नानकारी जो कि आईआईटी में कर्मचारी हैं। उन्होंने क्राइम ब्रांच को बताया कि Pickker technologies से ऑनलाइन Earbud शॉपिंग की थी। सामान गलत आने के कारण उसे बदलने के लिए गूगल से कंपनी का टोल फ्री नंबर लिया और उस पर कॉल की। जिसके बाद फोन पर उनसे एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाकर खाते से 46,596 पार कर दिये।
पैसे कटते ही हर्ष चौहान को अपने साथ ऑनलाइन फ्रॉड का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत ही अपने साथ हुई ठगी की सूचना क्राइम ब्रांच की साइबर सेल को दी। क्राइम ब्रांच ने त्वरित कारवाई करते हुए संबंधित बैंक व Paytm को ईमेल कर फ्रॉड हुए पैसे को होल्ड करा दिया। इसके बाद महज 10 घंटे के अंदर आवेदक के खाते में 46,155 रुपये भी वापस करा दिये।
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि किसी के भी कहने पर कोई एप डाउनलोड न करें और न ही किसी अंजान लिंक पर क्लिक करें। डीसीपी क्राइम ने बरामदगी कराने वाली टीम को प्रशस्ति पत्र दिये हैं।