मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

यूपी: कानपुर में श्मशान घाटों की स्थिति भयावह, शवों को छोड़कर चले जा रहे हैं लोग, शवदाह गृह के इंचार्ज ने कहा -रोज 60-70 शव आते हैं....

कानपुर: कानपुर के एक श्मशान घाट में बहुत से लोग शवों को छोड़कर चले जा रहे हैं। भौरवघाट विद्युत शवदाह गृह के इंचार्ज ने बताया, ''यहां लगभग 60-70 शव प्रतिदिन आते हैं। बहुत से परिवार शव को छोड़कर चले जा…

यूपी: कानपुर में श्मशान घाटों की स्थिति भयावह, शवों को छोड़कर चले जा रहे हैं लोग, शवदाह गृह के इंचार्ज ने कहा -रोज 60-70 शव आते हैं....
यूपी: कानपुर में श्मशान घाटों की स्थिति भयावह, शवों को छोड़कर चले जा रहे हैं लोग, शवदाह गृह के इंचार्ज ने कहा -रोज 60-70 शव आते हैं.... | फ़ोटो: TVL News

कानपुर:  कानपुर के एक श्मशान घाट में बहुत से लोग शवों को छोड़कर चले जा रहे हैं। भौरवघाट विद्युत शवदाह गृह के इंचार्ज ने बताया, ''यहां लगभग 60-70 शव प्रतिदिन आते हैं। बहुत से परिवार शव को छोड़कर चले जा रहे हैं। लोगों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं है।''




कोराना वायरस के संक्रमण ने कानपुर में ऐसा कहर बरपाया है कि हर एक गली मोहल्ले से मातमी शोर की गूंज सुनाई दे रही है। श्मशान घाटों से लेकर कब्रिस्तान तक सिर्फ लाशें ही लाशें दिखाई दे रही हैं। शहर के प्रमुख घाटों पर क्षमता से अधिक शव पहुंच रहे हैं। 



सोमवार देर रात तक शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चलती रही। यहीं हाल कब्रितानों का भी है। श्मशाम घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए 6 से 7 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, कोरोना से रही मौत के सरकारी आंकड़े कुछ और हैं, जबकि श्मशान घाट पर पहुंच रहे शव के आंकड़े कुछ और बता रहे हैं।



कानपुर में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर श्मशाम घाटों पर होने वाले अंतिम संस्कार की प्रक्रियाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। जिले में ऐसे सैकड़ों संक्रमित हैं, जिन्हे अस्पतालों में बेड और ऑक्सिजन न मिलने तो वहीं इलाज के अभाव में घरों में दम तोड़ दे रहे हैं। मृतकों के परिजन श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। ऐसे में शहर भर के प्रमुख घाटों में संक्रमितों के शवों के अंतिम संस्कार में कोविड प्रोटोकॉल टूट रहे हैं।




कोरोना संक्रमित शवों और लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार भैरवघाट और भगवतदास घाट विद्युत शवदाह गृह में किए जा रहा है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में कोराना संक्रमित घरों पर दम तोड़ रहे हैं। घरों में दम तोड़ने वाले शव श्मशान घाटों पर पहुंच रहे हैं।




कोरोना काल में श्मशान घाटों में ऐसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं, जिसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। घाटों में ऐसे शव आ रहे है, जिनको चार कंधे भी नसीब नहीं हो रहे हैं। घाटों पर मौजूद अन्य लोग अंतिम संस्कार में मदद कर रहे हैं। इस कदर लोग संक्रमण से डरे सहमे हैं कि अपने खास और रिश्तेदारों की शव यात्रा में शामिल होने से घबरा रहे हैं।




श्मशान घाटों पर बने अंत्येष्टी स्थलों पर चिताएं जलाने के लिए जगह नहीं है। घाटों पर पहुंच रहे शवों को टोकन दिया जा रहा है। शव के अंतिम संस्कार के लिए 6 से 7 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ ऐसे भी घाट जहां पर चिताएं जलाने के लिए जगह नहीं मिलने पर गंगा की रेती, घाटों पर बने चबूतरों पर चिताएं जलानी पड़ रही हैं। श्मशान घाटों पर सूर्यास्त के बाद देररात तक अंतिम संस्कार की प्रक्रियाएं की जा रही हैं।




सरकारी आकड़ों के हिसाब से संक्रमण से 18 मौतें हुई हैं। वहीं, सोमवार को भैरवघाट विद्युत विद्युत शवदाह गृह में 72 शव पहुंचे थे। भैरवघाट विद्युत शवदाह गृह में शवों का अंतिम संस्कार देररात तक चलता रहा। इसके साथ ही विद्युत शवदाह गृह के पीछे लकड़ियों से शव का अंतिम संस्कार किया। इसी प्रकाश भगवतदास विद्युत शवदाह गृह में 3 और भगवतदास श्मशान घाट पर 34 शवों का अंतिम संस्कार किया गया।



अलग-अलग घाटों पर हुए इतने शवों का अंतिम संस्कार

कानपुर के प्रमुख घाटों पर पहुंचे शव। भैरवघाट विद्युत शवदाह गृह में 72 शव, भैरवघाट श्मशाम घाट में 95 शव, भगवतदास विद्युत शवदाह गृह में 3 शव, र्स्वग आश्रम में 91 शव, भगवतदास श्मशान घाट में 34 शव, बिठूर में 101 शव, सिद्धनाथ घाट में 45 शव, ड्योढ़ी घाट में 60 शव, नजफगढ़ में 28 शव, सफीपुर, नागापुर, ढोमनघाट में 16 शव पहुंचे। वहीं, शहर के प्रमुख कब्रिस्तानों में 62 जनाजों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।




tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 27 अप्रैल 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।