बेंगलूरू: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की अटकलों को लेकर बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को पहली बार चुप्पी तोड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक मुझे इस्तीफे के लिए नहीं कहा गया है। न ही मैंने किसी के नाम की सिफारिश की है। पार्टी हाईकमान ने मुझे अभी कुछ नहीं कहा है। देखते हैं 26 जुलाई के बाद क्या होता है।
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने गुरुवार को कहा कि,'' अभी तक मुझे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया है। जब निर्देश आएंगे तो मैं पद छोड़ दूंगा और पार्टी के लिए काम करूंगा| उन्होंने कहा, 'केंद्रीय नेतृत्व इस मामले में जो भी निर्णय लेगा, मैं उसका पालन करूंगा|
उन्होंने कहा कि,''अभी तक मुझे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया है। जब निर्देश आएंगे तो मैं पद छोड़ दूंगा और पार्टी के लिए काम करूंगा। मैंने किसी नाम की सिफारिश नहीं की है। पार्टी आलाकमान ने मुझसे कुछ नहीं कहा। देखते हैं 26 जुलाई के बाद क्या होगा?
येदियुरप्पा ने कहा कि पार्टी आलाकमान कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके भविष्य के बारे में 25 जुलाई को उन्हें निर्देश देगा। येदियुरप्पा सरकार के दो साल 26 जुलाई को पूरे हो जाएंगे।
येदियुरप्पा ने गुरुवार को कहा कि,''''हमारी सरकार के 2 साल पूरे होने पर 26 जुलाई (जुलाई) को एक कार्यक्रम है। इसके बाद जेपी नड्डा जो भी फैसला करेंगे, मैं उसका पालन करूंगा। भाजपा को सत्ता में वापस लाना मेरा कर्तव्य है। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं और संतों से सहयोग करने का आग्रह करता हूं|
येदियुरप्पा ने एक ट्वीट में कहा कि, 'मुझे गर्व है कि मैं भाजपा का वफादार कार्यकर्ता हूं। मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैंने ऊंचे आदर्शों का पालन करते हुए पार्टी की सेवा की है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि पार्टी के संस्कारों के अनुरूप आचरण करें और ऐसा कोई प्रदर्शन या अनुशासनहीनता न करें जिससे पार्टी को शर्मिंदगी झेलनी पड़े।'हालांकि, येदियुरप्पा के इस ट्वीट को अब केंद्र के लिए भी संदेश माना जा रहा है।