पथनमथिट्टा/एर्नाकुलम: केरल के पथनमथिट्टा जिले के तिरुवल्ला में मानव बलि के रूप में 2 महिलाओं की हत्या करने वाले तीन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एर्नाकुलम सत्र अदालत में पेश किया गया। 'मानव बलि' के मामले में एर्नाकुलम सत्र अदालत ने तीनों आरोपियों को 26 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा।
तिरुवल्ला के एलंथूर गांव में एक डॉक्टर कपल ने अंधविश्वास के चक्कर में दो निर्दोष महिलाओं की बलि चढ़ा दी। दोनों महिलाओं के जून और सितंबर में लापता होने की सूचना मिली थी। रिपोर्ट के मुताबिक 49 वर्षीय एक महिला रोजली 6 जून तो दूसरी 52 वर्षीय महिला पद्मम जो 26 सितंबर को लापता हुई थी|
पुलि?? को उनके लापता मामलों की जांच के हिस्से के रूप में 'मानव बलि' के बारे में पता चला। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।'मानव बलि' के मामले में तिरुवल्ला के मूल निवासी डॉक्टर भागवत, उनकी पत्नी लीला और पेरुंबवूर के मूल निवासी मानव तस्कर शिहाब को गिरफ्तार किया गया है। बलि देने के पीछे की वजह अंधविश्वास बताया गया है जिसमें कहा गया कि अगर डॉक्टर दंपती दो महिलाओं की बलि देते हैं तो आने वाले समय में खूब पैसे आएंगे। धन और समृद्धि बढ़ेगी।
पुलिस ने बताया कि, हमें संदेह है कि मानव बलि कर्मकांड के तहत दोनों महिलाओं की हत्या हुई है। महिलाओं के सिर को काट दिया गया और उनके शवों को एलंथूर गांव में दफना दिया गया था|
केरल 'मानव बलि' मामले पर कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त सी.एच. नागराजू ने बताया कि,'' जब हमने मुख्य आरोपी शफी से पूछताछ की तो हमें पहले कुछ नहीं मिला। वैज्ञानिक जांच हमें पथानामथिट्टा तक ले गई। हमें जांच के दौरान पता चला कि शफी मुख्य साजिशकर्ता और विकृत व्यक्ति है|
पुलिस आयुक्त सी.एच. नागराजू ने बताया कि,'ऐसी संभावना है कि आरोपियों ने पीड़ितों की हत्या करने के बाद शरीर के अंगों को खा लिया है। इसकी जांच की जा रही है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य आरोपी शफी एक विकृत व्यक्ति है। हम जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें अन्य आरोपी हैं और क्या ऐसे और मामले हुए हैं? | उन्होंने कहा,''हमने मारे गए दोनों महिलाओं के शरीर के सभी हिस्सों को बरामद कर लिया है। पीड़ित महिला में से एक के शरीर के अंगों को तीन गड्ढों में से बरामद किया गया जहां उन्हें दफनाया गया था|
केरल मानव बलि मामले के मुख्य जांचकर्ता कोच्चि DCP एस. शशिधरन ने बताया कि,''मुख्य आरोपी शफी ने वित्तीय कठिनाइयों वाले लोगों को खोजने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल किया। उसने भगवल सिंह और लैला को पाया, जो मानव बलि में रुचि रखते थे। शफी ने अपनी पत्नी के फोन में फेसबुक चलाया था लेकिन वह नहीं जानती थी| कोच्चि DCP ने बताया कि,''हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या मुख्य आरोपी शफी ने कोई यौन शोषण किया है। इस मानव बलि अनुष्ठान मामले के अलावा विभिन्न अपराधों के तहत शफी के खिलाफ 8 मामले दर्ज हैं|