कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलकाता में चुनावी रैली के मंच पर 70 वर्षीय अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने बीजेपी ज्वाइन कर ली|अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती दिलीप घोष और कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। मिथुन चक्रवर्ती को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा कि,'' मिथुन चक्रवर्ती आज के स्टार नहीं हैं। उन्होंने चार बार पार्टियां बदली हैं| वह मूल रूप से एक नक्सली थे, फिर सीपीएम में गए, फिर वह टीएमसी में शामिल हो गए और राज्यसभा सांसद बनाए गए | बीजेपी ने मिथुन को ईडी के मामलों में धमकी दी और उन्होंने राज्यसभा छोड़ दी और अब वे बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
मिथुन चक्रवर्ती के बीजेपी में शामिल होने पर TMC से सांसद सौगत रॉय (Suagata Roy) ने कहा कि,''मिथुन चक्रवर्ती आज के स्टार नहीं हैं। वो आज के नहीं अतीत के स्टार हैं| वह अतीत के स्टार हैं| उन्होंने चार बार पार्टियां बदली हैं| वह मूल रूप से एक नक्सली था, फिर सीपीएम में गए, फिर वह टीएमसी में शामिल हो गए और राज्यसभा सांसद बनाए गए|
टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा कि,''बीजेपी ने उन्हें (अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को) ईडी के मामलों में धमकी दी और उन्होंने राज्यसभा छोड़ दी और अब वे बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उसकी कोई विश्वसनीयता, कोई सम्मान नहीं है, और लोगों के बीच कोई प्रभाव नहीं है|
याद रहे कि मिथुन चक्रवर्ती इसस पहले टीएमसी पार्टी में थे| ममता बनर्जी जब पश्चिम बंगाल की पहली बार सीएम बनी थीं तो उन्होंने मिथुन को पार्टी में शामिल होने की दावत दी थी|ममता की इस दावत को कुबूल करते हुए मिथुन पार्टी में शामिल हो गए थे| जिसके बाद 2014 में मिथुन चक्रवर्ती तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा चुनाव जीतकर संसद के ऊपरी सदन पहुंचे लेकिन शारदा चिटफंड घोटाले में नाम आने के बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर राजनीति भी छोड़ दी थी|
2015-2016 में जब शारदा चिटफंड घोटाले में मिथुन चक्रवर्ती का भी नाम जुड़ा तो उन्होंने दिसंबर 2016 में राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया| इसके बाद उन्होंने खुद को राजनीति से अलग कर लिया और सियासी जगत से संन्यास ले लिया| लेकिन चार साल बाद एकबार फिर उन्होंने अब बीजेपी के साथ अपनी दूसरी सियासी पारी का आगाज किया है|