पूर्व ब्लॉक प्रमुख राधेश्याम भार्गव अपने प्लॉट पर कब्जा न मिलने और बाबा कष्ट हरण धाम मंदिर की नई कमेटी के गठन से नाराज चल रहे हैं।
पूर्व प्रमुख गांव रतहरी के पास से निकली कठिना नदी के किनारे बाबा कष्ट हरण धाम में मंगलवार सुबह प्रवेश कर दोनों गेट पर ताला लगा दिया।
वह अपने साथ तेजाब और पेट्रोल ले गए और मंदिर के घंटे में फंदा बांध दिया और आत्महत्या की चेतावनी देने लगे। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार दिनेश कुमार, नायब तहसीलदार अखिलेश मौर्य, मितौली इंस्पेक्टर राजू राव सहित राजस्व विभाग की टीम व पुलिस उन्हें मनाने लगी, लेकिन वह नहीं माने।
पत्नी व बेटे भी मनाते रहे, लेकिन वह डीएम को बुलाने और कब्जा दिलाने की बात कहते रहे।
करीब पांच घंटे तहसीलदार दिनेश कुमार के कब्जा दिलाने व मंदिर कमेटी की जांच के आश्वासन पर वह मान गए और मंदिर से बाहर निकल आए।
प्रशासन ने विवादित जमीन को उनके समक्ष मुआयना भी किया।
पूर्व ब्लाक प्रमुख के मंदिर के अंदर आत्मादाह करने की चेतावनी से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। नायाब तहसीलदार कानूनगो सहित राजस्व की टीम उसके प्लाटों के गाटा संख्या व नक्शा खंगालने में जुटा रहा।
पत्नी व बेटे ने भी मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। अपने प्लाटों पर कब्जा न पाने के अलावा मंदिर की नई कमेटी गठित होने पर नाराजगी जताते हुए जांच की मांग की है।