अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ को ब्रांड एंबेसडर बताकर द लोनी अरबन मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसाइटी (एलयूसीसी) ने चिटफंड स्कीम निकाली। 6 साल में दोगुना रकम देने का झांसा देकर 45 लोगों से 9.12 करोड़ रुपये ऐंठ लिए।
संचालकों ने एजेंट के तौर पर जुड़ने वालों को मैनेजर का पद देकर अन्य लोगों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया। करोड़ों रुपये हड़पने के बाद नवंबर माह में सोसाइटी के कार्यालय अचानक से बंद होने लगे।
पीड़ितों ने मोहनलालगंज और बीकेटी कोतवाली में शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। परेशान निवेशकों ने कोर्ट में अर्जी दायर की। आदेश पर गोमतीनगर विस्तार थाने में फिल्म अभिनेताओं और संचालक समेत 7 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
त्रिवेणीनगर के शिवलोक निवासी अनीस अहमद ने बताया कि करीब 8 साल पहले बाराबंकी जमूहरिया निवासी डॉ. उत्तम सिंह राजपूत से मुलाकात हुई थी।
बातचीत में उत्तम सिंह ने खुद को गोमतीनगर विस्तार स्थित द लोन अर्बन सोसाइटी की जोनल शाखा से जुड़ा होना बताया।
समझाया कि कंपनी में निवेश पर 6 साल में रकम दोगुना हो जाएगी। बताया कि उक्त कोआपरेटिव सोसाइटी भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है।
साथ ही केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय में रजिस्टर्ड है। पीड़ित अनीस ने शुरुआत में टुकड़ों में 10 लाख रुपये जमा किए।
रसीद के एवज में बॉन्ड और पासबुक दी गई। अनीस के मुताबिक उनकी ही तरह द लोनी अर्बन सोसाइटी के गोमतीनगर विस्तार दफ्तर में अन्य निवेशक भी आते हैं। कंपनी ने उन्हें सोसाइटी का मेंबर बनाकर और लोगों से निवेश कराकर मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
अनीस ने लखनऊ, सीतापुर, जौनपुर और उन्नाव के 44 लोगों से करीब 9.02 करोड़ रुपये का निवेश कराया। जून 2024 से कम्पनी के अधिकारी टाल मटोल करने लगे। गोमतीनगर विस्तार स्थित ऑफिस पर ताला लगाकर आरोपी फरार हो गए।
पीड़ित अनीस ने बताया कि सोसाइटी का रजिस्टर्ड ऑफिस गाजियाबाद और प्रशासनिक कार्यालय इंदौर में दर्ज है। सोसाइटी संचालक डॉ. उत्तम सिंह ने अभिनेताओं आलोक नाथ और श्रेयस तलपड़े से चिटफंड स्कीम का प्रचार कराया था। बड़े नामों को जुड़ा हुआ जान कर निवेशक भी भरोसा कर बैठे और करोड़ों रुपये लगा दिए।
अनीस की शिकायत पर डॉ. उत्तम सिंह, संजीव वर्मा, समीर अग्रवाल, शबाब हुसैन, आरके शेट्टी, श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार सुधीर अवस्थी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।