बालागंज के स्टार अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर मेहरबान हैं। संचालन पर रोक के बावजूद मरीज भर्ती होने की शिकायत पर भी अफसर अस्पताल का निरीक्षण करने तक नहीं गए।
अस्पताल संचालक को फोन करके मामले की जानकारी जुटाई। संचालक ने अस्पताल बंद होने का दावा किया तो उसकी बात पर अफसरों ने संतुष्टि जता दी,
जबकि शिकायतकर्ता ने अफसरों को अस्पताल खुले व मरीज भर्ती होने का प्रमाण भी दिया।
नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह और डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी मिश्रा की टीम ने 15 नवंबर को बालागंज के स्टार अस्पताल के अलावा द यूनिक, बालागंज अस्पताल, मेडलाइफ व ऑक्सीजन अस्पताल में छापा मारा था।
स्टार अस्पताल में फुल टाइम डॉक्टर नहीं थे। बॉयो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण ठीक नहीं था। अस्पताल का इस साल पंजीकरण नहीं मिला था।
अस्पताल बेसमेंट में चल रहा था। विभाग ने अस्पताल संचालन पर रोक लगाई थी। अस्पताल संचालक ने स्वास्थ्य विभाग से सांठगांठ करके अस्पताल का संचालन फिर से शुरू कर दिया है। शुक्रवार को अस्पताल संचालन की शिकायत सीएमओ कार्यालय के अफसरों से हुई,
लेकिन शनिवार को भी अफसर हरकत में नहीं आए। कोई भी अफसर अस्पताल का मुआयना तक करने नहीं गया। अस्पताल संचाल??? ने दूसरे अस्पताल में मरीजों को शिफ्ट कराकर गेट पर ताला लगा दिया है।
नर्सिंग होम के नोडल अफसर डॉ. एपी सिंह ने बताया अस्पताल संचालक को फोन करके खुला होने के बारे में जानकारी मांगी गई थी