आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ कुंभ स्नान किया था। इसको लेकर विरोधियों के आरोपों पर उन्होंने रामचरित मानस की चौपाई का हवाल देते हुए कहा ''जाकी रही भावना जैसी,
प्रभु मूरत देखी तिन तैसी (प्रभु को जिसने जिस रूप में सोचा, जिस व्यक्ति की भावना जैसी रही उसने अपने मन में उसी के अनुसार ईश्वर की छवि गढ़ ली
' मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख यादव पर निशाना साधते हुए कहा ''देश दुनिया के कोटि कोटि श्रद्धालुओं द्वारा किये जा रहे पावन स्नान और सनातन में उनकी आस्था ने उन लोगों को भी पवित्र डुबकी लगाने के लिए बाध्य कर दिया जिनकी इसमें आस्था ही नहीं थी।
ऐसे लोगों को यह सोच कर अपने पुरोधाओं की प्रतिमा स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ा कि इस स्थान का महत्व है और इसको नजरअंदाज नहीं करना है।’’
संगम में सपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा स्थापित की है। अखिलेश यादव ने संगम स्नान के बाद अपने पिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा ''प्रयागराज में पिछले 15 दिनों में 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की त्रिवेणी के संगम में अगले 30 दिनों तक आयोजन चलना है।
मेरा अनुमान है कि संगम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दुनिया की तीसरी बड़ी आबादी होगी। इसमें केवल भारत की आस्था ही नहीं, संस्कृति के गौरव का दर्शन करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
'' मुख्यमंत्री ने इंडोनेशिया के सांस्कृतिक परंपराओं की चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया के राष्ट्रपति अपने भारतीय डीएनए पर गर्व करते हैं, उनका नाम भी संस्कृत से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में राम को पूर्वज माना जाता है, गरुड़ उनकी राष्ट्रीय एयरलाइंस है, गणपति उनकी मुद्रा पर हैं और रामलीला उनका राष्ट्रीय त्योहार है।
योगी ने सवाल उठाते हुए कहा “भारत में रहकर, इस धरती का उपभोग करने वाली बड़ी आबादी, जो दुर्भाग्य से केवल वोट बैंक बनकर रह गई है, क्या वे स्वीकार कर पाएंगे कि उनके पूर्वज राम थे?” मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में देश और प्रदेश में चल रहे कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय रखी।
उन्होंने भारत के अल्पसंख्यकों, बिजली चोरी, वक्फ कानून, तुष्टिकरण की राजनीति और कुंभ 2025 की तैयारियों जैसे विषयों पर बात की। कार्यक्रम के दौरान योगी ने भारत के अल्पसंख्यकों को अपने पूर्वजों पर गर्व करने की सलाह दी।
वक्फ कानून में बदलाव पर विपक्षी नेताओं द्वारा दी जा रही चेतावनियों पर मुख्यमंत्री ने कहा, “समय की जरूरत के अनुसार वक्फ कानून में बदलाव हो रहा है। मुझे खुशी है कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने इस संशोधन पर काम किया है।
उम्मीद है कि अगले सत्र में इसे लागू किया जाएगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, “किसी भी बदलाव का उद्देश्य समाज में पारदर्शिता और न्याय को सुनिश्चित करना है। जैसे देश में सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) लागू हुआ है वैसे ही वक्फ विधेयक में संशोधन के बाद इसे भी लागू कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हम हर जगह मंदिर नहीं तलाश रहे हैं, लेकिन जहां ऐतिहासिक साक्ष्य मौजूद हैं, वहां सच को सामने लाना जरूरी है।
” मुख्यमंत्री ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “ भारत के पौराणिक ग्रंथ हमारे सामने इस बात के प्रमाण हैं कि श्री हरि विष्णु का 10वां अवतार कहां हुआ है।
3500 वर्ष से 5000 वर्ष के दौरान ग्रंथों की रचना हुई है। इस्लाम का जन्म हुए 1400 वर्ष हुए हैं, हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है।” उन्होंने कहा कि पुराणों के बारे में हो सकता है कि ओवैसी या अन्य लोगों को भरोसा न हो, लेकिन कम से कम ‘आइन-ए-अकबरी’ देखें।
योगी ने कहा कि वहां (संभल में) पर जो कुछ भी उत्खनन में सामने आ रहा है, वह इस बात को प्रमाणित करता है कि वहां (संभल में) पर कोई पौराणिक नगरी थी।
उल्लेखनीय है कि संभल में पिछले वर्ष नवंबर माह में अदालत के आदेश पर एक मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गयी जिसमें चार लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये थे।
इस मामले को लेकर देश की राजनीति गरमा गयी थी। योगी ने दावा किया ''पुरातात्विक अवेशषों के आधार पर हम कह सकते हैं कि यह संभल नगरी वही है, जिसका पुराण में उल्लेख है।