लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की विसंगति को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को समस्या के त्वरित एवं न्यायसंगत समाधान हेतु निर्देश दिए|
वहीँ आज ही 69 हजार शिक्षक भर्ती में धांधली आदि को लेकर आन्दोलन कर रहे लोगों के सम्बंध में यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा था कि आन्दोलनकारियों की तरफ से जो आरोप लगाये जा रहे हैं तो हो सकता है कि उसमें सच्चाई हो। इसलिए उस मामले की जाँच होनी चाहिए तथा उनकी जो शिकायतें हैं उन्हें स्टेट गवरमेन्ट को दूर करना चाहिए।
बता दें कि,'' प्रदेश में 69 हजार पदों पर हुई शिक्षक भर्ती विवादों में हैं। OBC और SC वर्ग के अभ्यर्थियों ने 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण घोटाले का आरोप लगाय है|
अभ्यर्थियों का आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से आरक्षण के साथ खिलवाड़ किया गया है। OBC व SC वर्ग की सीट जनरल वर्ग के अभ्यर्थियों को दे दी गई। बेसिक शिक्षा विभाग ने जनरल वर्ग की व OBC वर्ग की कटऑफ के बीच मात्र 0.38 मार्क्स के अंतर पर भर दी। OBC वर्ग की 18 हजार से अधिक सीटें हैं। OBC वर्ग को इस भर्ती में 18598 में से मात्र 2637 सीटें मिली हैं। जबकि OBC वर्ग को इस भर्ती में 27% की जगह महज 3.86% आरक्षण मिला।
अभ्यर्थियों की सरकार से प्रमुख मांग
पहला अनारक्षित की कट ऑफ 67.11 से नीचे 27% आरक्षण पूरा किया जाए। साथ ही लखनऊ हाई कोर्ट के सभी याचियों को याची लाभ दिया जाए। अभ्यर्थियों का बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई इस भर्ती प्रक्रिया में घोर लापरवाही का आरोप है। अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर करीब 6 महीने से लखनऊ के इको गार्डन में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा 1,36,602 अभ्यर्थियों पर एमआरसी (मेरिटोरियस रिजर्व कैटेगरी) लगाया है। इनकी मांग है कि अनारक्षित की कट ऑफ 67.11 के नीचे 27% आरक्षण दिया जाए ।
शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज,
बताते चलें कि, 4 दिसंबर 2021 शनिवार की शाम यूपी की राजधानी लखनऊ में उस समय अफरातफरी को माहौल बन गया जब 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर यूपी पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया था | आपको बता दें, लखनऊ में शिक्षक की नौकरी चाह रहे युवा 1090 चौराहे पर कैंडिल मार्च निकाल रहे थे।
शनिवार शाम को शिक्षक अभ्यर्थी कैंडल मार्च के साथ 1090 चौराहे से CM आवास की ओर बढ़ने लगे| तभी लोहिया पथ पर जियामऊ मोड़ के पास ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया| पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा| रोड के किनारे लगी रेलिंग फांदकर किसी तरह अभ्यर्थियों ने जान बचाई और भाग निकले| इस लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी घायल हो गए|
आंदोलनरत अभ्यर्थियों पर पुलिस के लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ लिया था| 5 दिसंबर रविवार को सांसद वरुण गांधी ने लाठीचार्ज का वीडियो पोस्ट कर अपनी सरकार पर ही हमला बोला था| वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था|
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था- ‘रोजजगार मांगने वालों को UP सरकार ने लाठियां बरसाईं| जब भाजपा वोट मांगने आए तो याद रखना!
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा था-- ‘यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती के पुराने व लंबित मामले को लेकर राजधानी लखनऊ में कल रात शान्तिपूर्ण कैंडल मार्च निकालने वाले सैकड़ों युवाओं पर पुलिस का लाठीचार्ज करके घायल करना अति-दुःखद व निन्दनीय| सरकार इनकी जायज मांगों पर तुरंत सहानुभूतिपूर्वक विचार करे, बीएस???ी की यह मांग है|
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने कहा था-''भाजपा के राज में भावी शिक्षकों पर लाठीचार्ज करके ‘विश्व गुरु’ बनने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है| हम 69000 शिक्षक भर्ती की मांगों के साथ हैं. युवा कहे आज का ~ नहीं चाहिए भाजपा’
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा था- ‘69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़ों-दलितों का आरक्षण मारने वाले CM अब लाठियां बरसा रहे हैं| लखनऊ में शांतिपूर्ण तरीके से कैंडल मार्च निकाल रहे 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यार्थियों पर पुलिस द्वारा बर्बर लाठीचार्ज दुखद एवं शर्मनाक! …. युवा बेरोजगारों इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव होगा|
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने इस लाठीचार्ज का वीडियो ट्वीट करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरा था| उन्होंने कहा था- ‘आदित्यनाथ जी जितना मन चाहे इन बेरोजगार नौजवानों को पिटवा लीजिये, लेकिन दो बात याद रखियेगा| इन्ही नौजवानों ने आपको सत्ता के शिखर तक पहुंचाया है| बेरोजगारों पर हो रहे जुर्म आपकी सत्ता के ताबूत में आख़िरी कील साबित होगी|