लखनऊ: लखनऊ के अमीनाबाद के गुईन रोड चौराहे पर एक दुकान में भीषण आग लग गई। गिनी रोड में कागज मार्केट स्थित नाज कॉम्पलेक्स में शुक्रवार सुबह अचानक आग लग गई। । देखते-देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और फायर फाइटिंग शुरू की आग मार्केट के बीच में रहने वाले वसीम के दो मंजिला व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में लगी थी। दूसरी मंजिल पर परिवार रहता था। हादसे के दौरान परिवार के 6 लोग फंस गये थे। जिनको अग्निशमन की टीम ने पड़ोसियों की मदद से पिछले रास्ते से बाहर निकाला।
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया था। हादसा शार्ट सर्किट से होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस व फायर टीम जांच के बाद कारणों के बारे में बताएगी। CFO लखनऊ विजय कुमार सिंह ने बताया, "आग पर काबू पा लिया गया है। नुक़सान के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।"
गुईन रोड चौराहे पर स्थित एक कांप्लेक्स में शुक्रवार सुबह एकाएक धुआं और आग की लपटें निकलती देख लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनककर दौड़े लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग बेकाबू होते देख दमकल कर्मियों को सूचना दी गई। दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और फायर फाइटिंग शुरू कर दी। आग कंट्रोल होता न देख हजरतगंज के अलावा चौक, आलमबाग समेत अन्य फायर स्टेशनों से भी गाड़ियां बुलाई गई। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह के मुताबिक गुईन रोड चौराहे पर वसीम का नाज कॉम्पलेक्स है। उसी की दूसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अचानक दुकान में आग लग गई। अचानक से धुआं व तेज लपटें निकलती देख लोगों ने शोर मचाया। लेकिन नाज कॉम्पलेक्स में 12 दुकाने है। सभी कागज व कॉपी की होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
वसीम के परिवारीजनो ने शोर मचाया तो पड़ोसी वहां पहुंच गये। पास में स्थापित फायर स्टेशन पर लोग पहुंचे। आरोप है कि स्टेशन पर ताला बंद था। इसी बीच कुछ लोग भागकर कैसरबाग थाने पहुंचे। जहां पुलिस को सूचना दी। अधिकारियों को जानकारी होने के बाद फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां रवाना की गई। वहीं अमीनाबाद फायर स्टेशन के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गये। सभी ने मिलकर आग बुझाना शुरू किया
आग पर काबू पाने के लिए तत्काल 8 दमकल की गाड़ियां मौके पर रवाना की गई। इसी बीच सूचना मिली की आग पर काबू पाने में दिक्कत आ रही है। इस पर हाइड्रोलिक प्लेटफार्म भी बुला लिया गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सीएफओ के मुताबिक हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
आग की चपेट में आने से कॉम्प्लेक्स में बाहर खड़ी कार, स्कूटी व लोडर भी जलकर राख हो गया। वहीं कोने पर बाबा लस्सी कार्नर थी। जो पूरी तरह से जलकर राख हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास केइलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया था।
अधिकारी के मुताबिक हादसा सुबह के वक्त हुआ था। उस समय कुछ दुकाने खुली थी। कुछ खुल रही थी। वहीं वसीम का पूरा परिवार दूसरी मंजिल पर स्थित आवास में मौजूद था। परिवार में वसीम की पत्नी शायरा, बेटा वासिफ, उसकी पत्नी आमना, वसीम की बेटी महक, वासिफ का बेटा इशा है। हादसे के वक्त वसीम के नौकर सहित 6 लोग घर में मौजूद थे। वासिफ का बेटा हादसे के वक्त स्कूल था। अचानक आग लगने के कारण उनको बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। अग्निशमन कर्मचारियों ने परिवार के फंसे होने की सूचना पर आसपास के लोगों की मदद से लोगों को निकालना शुरू किया। सभी को पीछे सीढ़ी लगाकर निकाला गया। करीब 15 मिनट में परिवार के सभी 6 लोगों को पिछले रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह 11 बजे के करीब नाज कॉम्पलेक्स केपास बिजली विभाग के लगे खंभे में अचानक शार्ट सर्किट हुआ। जिससे चिंगारी निकली। चिंगारी नाज कॉम्पलेक्स में लगे एक फ्लैक्स बोर्ड पर गिर गई। जिसमें आग लगी। इसी फ्लैक्स बोर्ड का जलता हुआ अवशेष दुकान में रखे कागजों पर पड़ा। जिससे देखते-देखते आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। आग लगते ही पूरे इलाके अफरा तफरी का माहौल बन गया।