लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा का डर हर दिन बढ़ता जा रहा है। डरी-सहमी भाजपा विपक्ष के प्रति ज्यादा से ज्यादा असहिष्णु और आक्रामक होती जा रही है। विपक्ष को बदनाम करने की साजिशें तेज हो रही हैं। अब तो जनता पूरी तरह भाजपा के खिलाफ विपक्ष के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा,''भाजपा के राज में नौजवानों को सबसे ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा सरकार के निर्दयी राज में 4 लाख नौकरियों और एक करोड़ रोजगार का सच आज 69000 भर्ती के मामले में मांग कर रहे अभ्यर्थियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार से सामने आ रहा है। प्रदेश में 2018 से जारी 68500 एवं 69000 शिक्षकों की भर्ती में दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में भारी घोटाला किया गया।
अखिलेश यादव ने कहा,''मुख्यमंत्री जी मंच से नौकरी-रोजगार के सत्य से परे आंकड़े देते नहीं थकते जबकि बेरोजगार उनके द्वार पर शासन-प्रशासन की हिंसा के शिकार हो रहे हैं। होर्डिंग लगाने वाले मुख्यमंत्री जी उनके होर्डिंग क्यों नहीं लगवा देते जिनको उन्होंने नौकरियां-रोजगार दिया है? भाजपा की एनकाउंटर संस्कृति में कुछ पुलिस वाले भी बेरहम हो गए हैं। शिक्षक भर्ती के प्रदर्शनकारियों की गर्दन पर हाथ डालने वाले प्रशासन को उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवक सन् 2022 में जवाब देंगे।
उन्होंने कहा,''सच तो यह है कि केन्द्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने पिछड़ों के साथ धोखा और छल किया है। आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। भाजपा जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती क्योंकि भाजपा का बुनियादी चरित्र सामाजिक न्याय के विरुद्ध है। गरीब-किसान, श्रमिक उसकी प्राथमिकता में नहीं है। केवल पूंजी घरानों और कारपोरेट दुनिया से ही उनका वास्ता है।
यादव ने कहा,''इसमें दो राय नहीं कि सन् 2022 में होने वाला चुनाव देश के भविष्य की दशा-दिशा भी तय करेगा। यह चुनाव वंचित और युवा वर्ग को अपने संविधान तथा सम्मान बचाने का ऐतिहासिक अवसर है। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ही प्रदेश में खुशहाली आएगी और समाज के हर वर्ग का मान-सम्मान सुरक्षित होगा।
सपा (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि निर्दयी भाजपा सरकार की एनकाउंटर-संस्कृति ने कुछ पुलिसवालों को बेरहम बना दिया है। शिक्षक भर्ती के प्रदर्शनकारियों की गर्दन पर हाथ डालनेवाले प्रशासन को उप्र के बेरोज़गार युवा बाइस में जवाब देंगे। उप्र के हर एक पुलिसवाले को फिर से संवेदनशील बनाना भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती है।
बता दें कि शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थी विधान भवन के पास शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पुलिसकर्मी उन्हें हटाने के लिए आए। जिसके बाद एक पुलिस अधिकारी ने गुस्से से एक युवक का गर्दन पकड़ लिया और जबरन खींचते हुए ले गया। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर यह तस्वीर खूब तेजी से वायरल हो रही है। साथ ही लोग इस पुलिसकर्मी की खूब आलोचना भी कर रहे हैं।