लखनऊ: उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के तृतीय चरण का शुभारंभ किया| साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 1.50 लाख बालिकाओं को अनुदान राशि का ऑनलाइन हस्तांतरण किया| उन्होंने कहा कि ,''मिशन शक्ति' के प्रथम व द्वितीय चरण में उत्कृष्ट कार्य करने वालीं 75 बहनों को आज यहां सम्मानित किया गया है। नारी शक्ति के सम्मान कार्यक्रम के क्रम में आज प्रदेश के सभी जिलों में भी महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है|
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ,'प्रदेश की 58,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में भी नारी शक्ति के सम्मान के इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालीं माता-बहनों को जनहित की योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सके| उन्होंने कहा कि ,'यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी 75 जनपदों के जिला मुख्यालयों में इसी भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। जहां अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालीं महिलाओं का सम्मान किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,''आज़ादी के अमृत महोत्सव के कार्यक्रम के अवसर पर मिशन शक्ति के प्रथम और द्वितीय चरण में जिन 75 बहनों ने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया उनको राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सम्मानित किया है| उन्होंने कहा,''जनधन खाते के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रत्येक महिला को आर्थिक स्वावलंबन के साथ हर गरीब के घर में इज्जत घर का निर्माण व प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से घर का अधिकार देने जैसे अनेक कार्यक्रम प्रारम्भ हुए हैं|
उन्होंने कहा,'जब समाज में असुरक्षा का भाव हो तो स्वाभाविक रूप से उसका प्रभाव सम्मान व स्वावलंबन पर भी पड़ता है। UP Govt ने असुरक्षा की मनोवृत्ति को दूर करने के लिए नारी सुरक्षा का एक विशेष अभियान प्रारम्भ किया है| आधी आबादी को नजरअंदाज कर कोई भी समाज, प्रदेश या देश समर्थ नहीं बन सकता। शासन के गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से 'मिशन शक्ति' का यह कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है|
उन्होंने कहा,''मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए ₹15,000 की राशि 06 चरणों में UP Govt उपलब्ध करा रही है। योजना के तहत आज 1.50 लाख नई लाभार्थियों को राशि प्रदान की गई है| पूर्व में 7.81 लाख बालिकाएं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं| प्रदेश में 01 करोड़ से अधिक बहनें स्वयंसेवी महिला समूहों से जुड़ी हैं। वर्ष 2019 में बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर के कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ था। विगत वर्ष इस स्वयंसेवी महिला समूह ने ₹02 करोड़ प्रॉफिट कमाया है|