लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा मॉनसून सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दे पर CM योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव में जमकर बहस हो गई। अखिलेश ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवाल उठाया | अखिलेश यादव ने कहा, " डबल इंजन की सरकार कहते हैं आप, दावा करते हैं कि बजट की कोई कमी नहीं, आप बजट पर्याप्त दीजिए। आपके डॉक्टर, आप के लोग दूसरे प्राइवेट में नहीं भागेंगे। जानबूझकर सरकार सरकारी अस्पतालों को बर्बाद कर रही है।
अखिलेश यादव ने कहा, "भाजपा सरकार में एंबुलेंस तब मिलती है जब पैसा वसूल लिया जाता है अगर मरीज पैसा नहीं दे पाता तो उसको वहीं उतार दिया जाता है। 108 और 102 एंबुलेंस सेवा समाजवादी सरकार में इसलिए चलाई गई थी ताकि ग्रामीण क्षेत्र में गरीब अपना आसानी से इलाज करा सकें। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा,'भाजपा सरकार में मरीज ठेले पर जा रहे हैं, ऑटो में जा रहे हैं, बैलगाड़ी में जा रहे हैं। आपकी एंबुलेंस कहां है?
वहीँ, CM योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर पर लिखा,'सपा के शासन काल में प्रदेश के हर क्षेत्र का अवमूल्यन ही हुआ, अभिवृद्धि कभी नहीं हुई। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं एवं शिक्षा-व्यवस्था को जितनी क्षति तथाकथित समाजवादियों ने पहुंचाई है, उतनी कभी किसी ने नहीं पहुंचाई। AIIMS, गोरखपुर के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा समाजवादी पार्टी ही थी
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा ,''नेता प्रतिपक्ष पूर्व में मुख्यमंत्री रह चुके हैं, प्रतिपक्ष में सबसे बड़े दल के नेता भी हैं। आग्रह है कि सदन में सच बोलने की आदत डाल लें। हालांकि, 'समाजवादी और सच, नदी के दो किनारे हैं, कभी एक साथ नहीं रहेंगे।' योगी आदित्यनाथ ने कहा,''सरकार ही नहीं, प्रतिपक्ष भी लोकतंत्र का एक पहिया है। नेता प्रतिपक्ष को अपनी जिम्मेदारी एवं गंभीरता का परिचय देना चाहिए। उन्हें ऐसा वक्तव्य नहीं देना चाहिए, जो गुमराह करने वाला हो, जो सत्य से परे हो।
उन्होंने कहा,''जनमानस की भावनाओं के विरुद्ध जब भी कोई व्यक्ति आचरण करेगा तो वह अविश्वास की स्थिति पैदा करेगा और वह लोकतंत्र के लिए खतरनाक होगा। डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश की 25 करोड़ की जनसंख्या को एक परिवार मानकर शासन की योजनाओं को उन तक बिना भेदभाव के पहुंचाया है|
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विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने गोंडा जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही/गलत इंजेक्शन लगाने से प्रसूता की मौत और गोंडा के सरकारी अस्पताल में एक नवजात शिशु को जंगली जानवर द्वारा नोंचकर मार डालने की घटनाओं को लेकर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया|
अखिलेश यादव ने प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से जान गंवाने वाले लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल बदहाल हैं और इसके लिए सरकार के ही मंत्री शर्मिंदा होते रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग में भर्तियों को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार स्टाफ की कमी का हवाला देती है और आउटसोर्स नौकरी देने के नए तरीके के रूप में लेकर आई है। सरकार चाहती है कि सरकारी अस्पताल बंद हो जाएं और प्राइवेट खुल जाएं।
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विधानसभा में अखिलेश यादव ने कहा, "गोंडा में एक नर्स ने गर्भवती मां जिसने बच्चे को जन्म दिया उसे गलत इंजेक्शन लगा दिया, उस मां की उसी समय जान चली गई। क्या मेडिकल नेगलिजेंस की वजह से जाने नहीं जा रहीं? क्या मेडिकल नेगलिजेंस की वजह से लोगों की किडनियां खराब नहीं हो रही? यह सरकार जो दावा करती है कि झोलाछाप डॉक्टरों की दवाइयां नहीं चलने देंगे, लेकिन सब चल रही हैं। मंत्री जी छापामार मंत्री बन गए हैं। इनके छापों का कोई असर नहीं हो रहा है।
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