लखनऊ/कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज में शराब माफियाओं पर नकेल कसने पहुंची पुलिस को बंधक बनाकर पीटा गया है| इसमें एक सिपाही की मौत हो गई और दारोगा बुरी तरह जख्मी हो गए| कासगंज में पुलिस टीम पर हुए हमले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया और इस घटना में शामिल तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कासगंज में पुलिस कर्मियों के कथित बंधक में शामिल तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एनएसए के तहत दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी|
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद कासगंज में सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के नगला धीमर गांव में पुलिस सिपाही की मृत्यु की घटना का संज्ञान लेते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घटना में घायल पुलिसकर्मी के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा,''यूपी सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए सम्बन्धित दोषियों के विरुद्ध अविलम्ब व सख्त कार्रवाई की जाए|
सीएम योगी ने मृतक सिपाही के परिवारवालों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक शख्स को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। कासगंज में हुई इस भयावह घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी प्रशासनिक अमले से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
बता दें कि कासगंज में कानपुर के बिकरूकांड की तर्ज पर ही पुलिस को निशाना बनाया गया। यहां पर शराब माफियाओं ने पहले पुलिस को बंधक बनाया। जब पुलिस अधिकारियों को इस घटना की जानकारी मिली तो वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कॉम्बिग के दौरान दारोगा अशोक लहूलुहान हालत में मिले।कासगंज के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव नगला धीमर में इस वारदात के बाद बाद पुलिस ने दारोगा की तलाश के बाद सिपाही देवेंद्र की खोजबीन शुरू की। इस बीच पुलिस को पुलिसकर्मियों की बाइक और कपड़े मिले। फिर कुछ देर बाद उन्हें अर्धनग्न अवस्था में सिपाही देवेंद्र भी मिल गए। देवेंद्र की कुछ देर बाद मौत हो गई। इस वारदात के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।