कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज में मंगलवार देर रात को हुए पुलिस हत्याकांड के एक आरोपी को पुलिस ने बुधवार को एनकाउंटर में मार गिराया है| मुख्य आरोपी मोती धीमर घटना को अंजाम देकर अभी भी फरार है| पुलिस ने बताया,'''कासगंज जिले के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव नगला धीमर में पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही देवेंद्र जसावत की हत्या के एक आरोपी शख्स की पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है।
मामले का एक अन्य आरोपी फरार है|
मरने वाले की शिनाख़्त मोती धीमर के भाई एलकार के रूप में हुई है| जानकारी है कि पुलिस और बदमाशों के बीच सिढपुरा थाना क्षेत्र के नगला धीमर के पास काली नदी के किनारे मुठभेड़ हुई, जहां शराब तस्करों पुलिस के बीच गोलियां चली हैं| मुख्य आरोपी मोती फरार है, उस पर 11 मामले दर्ज हैं। उसकी तलाश की जा रही है। ऐलकार भी पुराना हिस्ट्रीशीटर था। उस पर भी कई मामले दर्ज हैं।
उत्तर प्रदेश ADG कानून और व्यवस्था ने बताया,''कासगंज के गांव नगला ढीमर में तलाशी के दौरान आरोपी मोती ढीमर और उसके भाई ने पुलिस पर हमला किया। गोलीबारी में, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह की जान चली गई और SI अशोक कुमार घायल हो गए। हमने मुख्य अभियुक्त को मुठभेड़ में मारा गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है|
कासगंज में शराब माफियाओं द्वारा मारे गए सिपाही का परिवार पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा और जिलाधिकारी से मुलाकात की। मृतक के पिता ने बताया, "मेरा एक ही बेटा था। 2015 में पुलिस में भर्ती हुआ था और 2017 में उसकी शादी हुई थी। बेटा शहीद हुआ है। इसका बदला लेना चाहिए।"
कासगंज में शराब माफिया द्वारा सिपाही की हत्या पर उत्तर प्रदेश के DGP एचसी अवस्थी ने कहा कि,''इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। हम पश्चिमी उ. प्र. में शराब माफिया के खिलाफ अभियान चला रहे थे जिसके तहत टीम कार्रवाई करने गई थी। जो ऐसा दुस्साहस कर रहे हैं उनको कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा दिलाएंगे| अवस्थी ने कहा कि,'उत्तर प्रदेश के संगठित माफिया के खिलाफ कई महीनों से अभियान चल रहा है। हमने इनकी 700 करोड़ से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की है। शराब माफियाओं के खिलाफ सैकड़ो मामलों में हमने बरामदगी की है। हमारा उनको साफ संदेश है कि उनके दिन गिने हुए हैं, वे भाग जाएं या जेल में स्थान पाएं|
बता दें कि मंगलवार की देर रात कासगंज के गांव नगला धीमर में सिपाही देवेंद्र और दरोगा अशोक मोती धीमर नाम के बदमाश को वारंट तामील कराने गए थे, लेकिन बदमाशों ने यहां उनपर जानलेवा हमला कर दिया| बदमाशों ने सिपाही की हत्या कर दी और दरोगा को बुरी तरह पीटकर-पीटकर घायल कर दिया और खेत में फेंक गए|
कासगंज SP ने बताया, " पुलिस की छापेमारी के दौरान शराब माफिया ने एक सिपाही की हत्या कर दी। सब इंस्पेक्टर और सिपाही देवेंदर अभियुक्तों की तलाश में गए थे। अपराधियों के जानलेवा हमले में सिपाही देवेंदर शहीद हो गए और दरोगा घायल हो गए। मुठभेड़ में एक बदमाश मारा गया है।"
बुधवार की सुबह तक फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम कासगंज में घटनास्थल पर पहुंच गई है और मौके से साक्ष्य जुटा रही है| आला पुलिस अफसर भी मौके पर क्राइम सीन की जांच कर रहे हैं| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया था और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे|सरकार की ओर से मृतक सिपाही के परिजनों को 50 लाख रुपए और एक आश्रित को नौकरी देने की घोषणा की गई है|