लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आवारा पशुओं को प्रवेश करने से रोकने के लिए व्यापक रूप से लगाए गए खेतों के अंदर कांटेदार तारों के उपयोग पर आज प्रतिबंध लगा दिया। यूपी में अब फसल बचाने के लिए ब्लेड वाली बाड़ लगाने पर कड़ी कार्रवाई होगी| ऐसा करने पर अब जेल भी जाना पड़ सकता है| अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को अपने खेतों में सामान्य रस्सियों का इस्तेमाल करने का निर्देश देने को कहा।
उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के मुताबिक,''इस प्रतिबंध के बाद जानवरों को खेत में घुसने से रोकने के लिए किसान साधारण रस्सी का प्रयोग करें | खेत में ब्लेड या कटीले तारों का प्रयोग करने पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कार्रवाई की जाएगी|
उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने बताया,''उ.प्र. गो-सेवा आयोग की सम्पन्न बैठक में किसानों द्वारा खेतों में पशुओं के प्रवेश को रोकने हेतु प्रयोग किये जाने ब्लेड वाले तारों को प्रतिबंधित करने की की गयी संस्तुति के आधार पर सम्यक विचारोपरान्त पशुक्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 तथा उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 (यथासंशोधित अधिनियम, 2020) के प्राविधानानुसार शासन के पत्र संख्या-552/37-1-2018/8c1y 2017, दिनांक 16 मार्च, 2018 एवं पत्र संख्या-1101/37-1-2021, दिनाक 13 जुलाई 2021 जो समस्त जिलाधिकारियों को संबोधित है, के माध्यम से किसानों द्वारा प्रयोग किये जाने वाले ब्लेड वाले/कटीले तारों को पूर्णतया प्रतिबन्धित किये जाने विषयक निर्णय का कड़ाई से अनुपालन सुनिक्षित कराये जाने एवं ब्लेड वाले/कटीले तारों के स्थान पर साधारण तार या रस्सी का प्रयोग किये जाने के निर्देश दिये गए है।
पशुक्रूरता निवारण अधिनयिम, 1960 के अध्याय-3 में साधारणतया पशुओं के प्रति क्रूरता" (धारा-11) के अंतर्गत निम्न व्यवस्था वर्णित है :
●पशुओं के प्रति क्रूरतापूर्ण वर्ताव करना, पशुओं को अनावश्यक पीड़ा या यातना पहुंचाना, यशु का अंग विच्छेद करना या किसी अन्य अनावश्यक कूर ढंग से पशु को मार ..... डालना या किसी पशु को सताने के लिए उद्दीप्त करना आदि दंडनीय अपराध है।'
● उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 (यथासंशोधित अधिनियम, 2020) की धारा 5(ख) के अंतर्गत किसी गाय या उसके गौवंश को शारीरिक क्षति पहुचाना, गोवंश का अंग-भंग करना, उसके जीवन को संकटापन्न करने वाली किसी परिस्थिति में लाना आदिभी दंडनीय अपराध है।
● अतः सम्यक विचारोपरान्त उक्त अधिनियमों में निहित प्राविधानानुसार एवं गोवंश सुरक्षा की दृष्टि से किसानों द्वारा प्रयोग किये जाने वाले ब्लेड तारों/कंटीले तारों को प्रत्येक दशा में प्रतिबन्धित किया जाता है।
किसानों द्वारा खेतों में प्रयोग में लायी जा रही ब्लेड तारों/केटीले तारों को परिवर्तित करवाते हुए पशओं के अनकल बाडो का प्रयोग सनिधित किया जाये। जिलाधिकारियों द्वारा उल्लंघन करने वाले कुछ व्यक्तियों के विरूद्ध उदाहरणात्मक कार्यवाही की जाये।
● उक्त के अतिरिक्त बीमार एवं घायल गोवंश की समुचित चिकित्सा हेतु प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर एक पशुचिकित्सालय को 24 घण्टे क्रियाशील किये जाने एवं उक्त पशुचिकित्सालय में रोटेशन के आधार पर पशु चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कराने का कष्ट करें। उक्त चिकित्सालयों को 24 घण्टे क्रियाशील किये जाने का सम्पूर्ण दायित्व पशुक्रूरता निवारण समिति (एस०पी0सी0ए0) अध्यक्ष के रूप में जिलाधिकारी का होगा।
● अतः इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने एवं कृत कार्यवाही से शासन को अवगत कराने का कर करें।