नई दिल्ली: हाथरस गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद मंगलवार देर रात यूपी पुलिस ने परिजनों की गैर मौजूदगी में युवती के शव का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया| हाथरस सामूहिक दुष्कर्म मामला और जबरन अंतिम संस्कार को लकर विपक्ष के विरोध के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार से विडियो कॉलिंग के माध्यम से बात की|
हाथरस पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री योगी ने 25 लाख की मदद, एक आवास और एक सरकारी नौकरी देने का किया ऐलान| उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया,''मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के पीड़ित परिवार से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से वार्ता की। मृतका के पिता जी ने मुख्यमंत्री जी से आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की।
योगी आदित्यनाथ ने बच्ची के पिता से बात करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया और प्रशासन को हर संभव मदद के
निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने आज मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया और मुकदमे के लिए एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट का आदेश दिया|मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,'' हाथरस में बालिका के साथ घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दोषी कतई नहीं बचेंगे। प्रकरण की जांच हेतु विशेष जांच दल का गठन किया गया है। यह दल आगामी सात दिवस में अपनी रिपोर्ट देगा। त्वरित न्याय सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा।
आपको बता दें कि गैंगरेप पीड़िता का शव रात करीब 12:45 हाथरस पहुंचा। एंबुलेंस को जब अंतिम संस्कार के लिए ले जाया रहा था तो लोगों ने उसे रोक दिया और एंबुलेंस के लेटकर आक्रोश जताया। इस दौरान एसडीएम पर परिजनों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों में झड़प हो गई। दरअसल, परिजन रात में शव का अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते थे, जबकि पुलिस तुरंत अंतिम संस्कार कराना चाहती थी। इसके बाद आधी रात के बाद करीब 2:40 बजे बिना किसी रीति रिवाज के और परिजनों की गैरमौजूदगी में पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मामला : हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में 14 सितंबर को चार लोगों ने इस दलित युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया| हैवानों ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म ही नहीं किया, बल्कि उसकी गर्दन भी तोड़ दी और जीभ भी काट डाली थी| उसकी रीढ़ की हड्डी में भी जख्म थे, जिससे वह लकवा का शिकार हो गयी थी| पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लड़की की हालत काफी गंभीर थी| इस कारण उसे अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था| वहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे बेहद नाजुक हालत में दिल्ली भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गयी| पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है| इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है|हर जगह विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं|लोग न्याय की मांग कर रहे हैं|