लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने लखनऊ में पार्टी के संस्थापक कांशीराम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। कांशीराम की जयंती पर बी.एस.पी. यूपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मायावती जी ने कांशीराम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कर उन्हें भावभीनी श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीगण भी मौजूद थे। मायावती ने कहा कि,''आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के बहुजन मूवमेन्ट के प्रति उनके ऐतिहासिक संघर्ष व योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है बल्कि वे हमेशा प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे और बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कारवाँ का संघर्षशील सफर, उतार-चढ़ाव के बावजूद, लगातार जारी रहेगा|
मायावती ने कहा कि,''देश में करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों व अन्य उपेक्षितों को लाचारी व मजलूमी की जिन्दगी से निकाल कर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के बी.एस.पी. के संघर्ष में दृढ़ संकल्प के साथ लगातार डटे रहना ही मान्यवर श्री कांशीराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के मानवतावादी मूवमेन्ट को जीवन्त बनाने के लिए आजीवन कड़ा संघर्ष किया और अनन्त कुर्बानियाँ दी तथा इसके बल पर काफी सफलता भी अर्जित की व देश की राजनीति को नया आयाम दिया।
उन्होंने कहा कि,''ऐसे महापुरुष की यादों को चिर स्थाई बनाने के लिए बी.एस.पी. की यहाँ यूपी में रही सरकारों के दौरान उनके नाम पर अनेकों भव्य स्थल, पार्क, शिक्षण संस्थान, अस्पताल व आवासीय कालोनी आदि बनाये गये तथा कई जनकल्याणकारी योजनायें भी चलाई गईं। राजधानी लखनऊ में स्थापित मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल इनमें सर्वप्रमुख है।
मायावती ने कहा कि,' वास्तव में वर्तमान में जारी 'चमचा युग' में बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के मिशनरी कारवाँ के प्रति तन, मन की लगन तथा धन्नासेठों के धनबल की जकड़ के बजाय अपने खून-पसीने से अर्जित धन के बल पर डटे रहना कोई मामूली बात नहीं है बल्कि बड़ी बात है जो इस मूवमेन्ट की ही देन है और जिसके बल पर ही बी.एस.पी. ने खासकर यूपी में कई ऐतिहासिक सफलतायें भी अर्जित की हैं। आगे भी हमें हर हाल में अपने उसूलों के साथ संर्घष में लगातार डटे रहना है।
मायावती ने यूपी व देश भर में उन सभी लोगों का तहेदिल से आभार प्रकट किया जो काफी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने मिशन में मुस्तैदी से लगे हुए हैं तथा आज मान्यवर श्री कांशीराम जी को बहुजन मूवमेन्ट के प्रति उनके साहसिक व ऐतिहासिक योगदानों के लिए किसी न किसी रूप में उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया है।