लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती आज 67 साल की हो गईं, उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस दिन को "जन कल्याणकारी दिवस" के रूप में मना रहे हैं। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती- जिनकी पार्टी (बसपा) ने यूपी चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन किया है - ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।
आज रविवार को एक ब्रीफिंग में बोलते हुए, मायावती ने कहा कि "उनकी पार्टी बसपा आगामी राज्य चुनावों या 2024 लोकसभा चुनावों के लिए किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। आने वाले महीनों में नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा, "बीएसपी राजस्थान, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक विधानसभा चुनाव के साथ-साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।"
उत्तराखंड के जोशीमठ शहर के डूबने के परोक्ष संदर्भ में उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण लोग प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे हैं।"
BSP का जनाधार कम नहीं हुआ, EVM में गडबड़ी है
बसपा प्रमुख ने रेखांकित किया, "केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिकरण कर दिया गया है।" उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। मायावती ने चुनाव आयोग से बैलेट पेपर के इस्तेमाल का आग्रह किया है।" उन्होंने कहा कि "BSP का जनाधार कम नहीं हुआ है। मुझे लगता है कि EVM में कुछ गडबड़ी है। अगर ऐसा नहीं है तो केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयोग सामने आएं और बैलेट पेपर पर चुनाव कराएं, इससे मालूम पड़ जाएगा कि उनके साथ कितना वोट है और हमारे साथ कितना है|
उन्होंने कहा कि "जब तक चुनाव बैलेट पेपर पर होते रहे तब तक BSP के न वोट प्रतिश्त और न ही जनाधार कम हुआ है और हमारी सीटें भी बढ़ी हैं। लेकिन जब से EVM से चुनाव हुए तब से हमारे वोट प्रतिश्त और हमारी सीटों की संख्या पर प्रभाव पड़ा है| उन्होंने कहा कि "विभिन्न देशों में ईवीएम को वापस ले लिया गया था और बैलेट पेपर का उपयोग किया जा रहा। ईवीएम की वजह से बसपा का वोट कम हो गया।
आगामी चुनावों में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी बसपा
उन्होंने कहा कि "बसपा आगामी चुनावों में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी, हम अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे, कांग्रेस और कुछ अन्य दल हमारे साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हमारी विचारधारा अन्य पार्टियों से अलग है| उन्होंने जोर देकर कहा,''आगे होने वाले राज्यों के विधान सभा और अगले वर्ष देश में होने वाले लोकसभा के लिए आम चुनाव में हमारी पार्टी किसी भी अन्य पार्टी के साथ कोई भी गठबंधन कर चुनाव नहीं लड़ेगी|
दोबारा बैलेट पेपर से कराया जाए मतदान
मायावती ने कहा कि "" ईवीएम में कुछ तो गड़बड़ है, कुछ तोड़-फोड़ कर रहे हैं, बैलेट पेपर के जमाने में सभी चुनावों में हमारी सीटों की संख्या और वोटों का प्रतिशत बढ़ जाता था। दोबारा बैलेट पेपर से कराया जाए मतदान| उन्होंने कहा कि,''पिछले कुछ वर्षों से देश में EVM के जरिए चुनाव कराने को लेकर यहां की जनता में किस्म-किस्म की आशंकाएं व्याप्त हैं। इसे दूर व खत्म करने के लिए अब यहां आगे सारे छोटे-बड़े चुनाव पूर्व की तरह बैलेट पेपर पर कराए जाएं|