इटावा/नई दिल्ली: अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या (Atiq-Ashraf killings) पर समाजवादी पार्टी नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि,'', अतीक ने रिकॉर्ड 3 बार निर्दलीय चुनाव जीता है| मीडिया ने उसको गैंगस्टर बना दिया। एक भी केस में अतीक अहमद दोषसिद्ध नहीं हुआ। फर्ज़ी मुकदमे रोज़ लोगों के ख़िलाफ़ लिखाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि,'अतीक के डिफेंस में मैं कुछ नहीं कह रहा है लेकिन किसी भी व्यक्ति को पकड़कर मारने का इजाज़त भारत का संविधान नहीं देता है|
समाजवादी पार्टी नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि,'',मीडिया ने गैंगस्टर बना दिया। कभी-कभी कुछ घटनाएं हो जाती हैं, बड़े-बड़े लोगों से हो जाती है। यहां ऐसे बड़े-बड़े पदों पर लोग बैठे हैं जो बम फेंककर 10-15 लोगों को मरवा दिया तब (उनको) कोई नहीं कहता गैंगस्टर है|
राम गोपाल यादव ने कहा कि,'',इतने मामले बताए गए लेकिन किसी में भी अतीक अहमद दोषसिद्ध नहीं हुआ। फर्ज़ी मुकदमे रोज़ लोगों के ख़िलाफ़ लिखाए जाते हैं। अतीक अहमद 1989, 1991, 1993, 1995, 2002 से विधायक और 14वीं लोकसभा में फूलपुर से सांसद हुए। ऐसा तो था नहीं कि सभी गुंड़ा बदमाश चुनाव जीत जाते हैं। वह (अतीक) रिकॉर्ड 3 बार निर्दलीय चुनाव जीते|
अतीक और अशरफ की हत्या पर सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि,'पुलिस की सुरक्षा में दो लोगों की हत्या से यह स्पष्ट है कि प्रदेश में गुंडा, माफिया और जंगलराज कायम हो गया है। प्रदेश में अपराधी भयमुक्त हो गए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री को अब ऐसे हालात में सत्ता में नहीं रहने का अधिकार है|
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पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की पुलिस हिरासत में गोली मारकर हत्या पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि,''पुलिस के बीच अगर हत्या हुई है तो यह गंभीर बात है। यह क़ानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है| '' राउत ने कहा,''यह एक राज्य का विषय है। हत्या हुई, धारा 144 लगाई गई, वहां की सरकार ने किया और वे सक्षम है यह करने में, यह उनका विषय है लेकिन दिनदहाड़े पुलिस के बीच अगर हत्या हुई है तो यह गंभीर बात है। यह क़ानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है|
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अतीक अहमद और अशरफ अहमद की हत्या पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि,''उत्तर प्रदेश में जो हो रहा है वह देश देख रहा है। क़ानून का राज नहीं रहेगा तो यह घटनाएं किसी के भी साथ हो सकती हैं। यूपी में जो हुआ वह आसान है लेकिन क़ानून व्यवस्था को बनाए रखना मुश्किल है|
घटना की निंदा करने के लिए शब्द नहीं: ओवैसी
अतीक और अशरफ अहमद की हत्या पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि,''मैं शुरू से कह रहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार क़ानून के मुताबिक नहीं बल्कि बंदूक के दम पर चल रही है। हम लोग इसी बात को दोहरा रहे थे लेकिन सबको लगता था कि हम हवाई बातें कर रहे हैं। इससे लोगों में संविधान में विश्वास कम होगा। इस घटना की निंदा करने के लिए शब्द नहीं है|
सुप्रीम कोर्ट इस घटनाका स्वत: संज्ञान ले
ओवैसी ने कहा कि,''इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी बननी चाहिए। मैं सुप्रीम कोर्ट से गुज़ारिश करता हूं वह इसका स्वत: संज्ञान ले और इस पर एक समय सीमा में जांच होनी चाहिए। इस कमेटी में उत्तर प्रदेश का कोई भी अधिकारी न हो क्योंकि उनकी मौजूदगी में यह हत्या हुई है|
अतीक और अशरफ अहमद की हत्या ज़िम्मेदारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की है
उन्होंने कहा कि,'कल जो हत्या हुई है उसकी ज़िम्मेदारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की है। अगर उनमें संवैधानिक नैतिकता ज़िंदा है तो उनको अपने पद को छोड़ना पड़ेगा...| AIMIM प्रमुख ने कहा कि,'आप गोली मारकर धार्मिक नारा क्यों लगा रहे हैं? इनको (हमलावरों) आतंकवादी नहीं कहेंगे तो देश भक्त कहेंगे? क्या यह (भाजपा) फूल का हार पहनाएंगे? जो लोग एनकाउंटर का जश्न मना रहे थे, शर्म से ढूब मरो तुम लोग|
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इस्तीफा दें
उन्होंने कहा कि,'हम मांग करते है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इस्तीफा दें, सुप्रीम कोर्ट इसमें एक जांच दल मनाए और इस मामले का स्वता: संज्ञान ले वरना यह चलता रहेगा। संविधान के मुताबिक उन सब पुलिस वालों को उनकी सर्विस से निकालना चाहिए|
आप कुछ बोलेंगे या नहीं?: प्रधानमंत्री से ओवैसी ...
AIMIM प्रमुख ओवैसी ने कहा कि,'हम देश के प्रधानमंत्री से पूछना चाहेंगे कि आप कुछ बोलेंगे या नहीं? प्रधानमंत्री भाषण में बोलते हैं कि 'मेरी सुपारी ली गई है' अब बताइए की जहां से आप सांसद हैं उस प्रदेश में क्या हो रहा है। भारत का हर नागरिक कल की घटना के बाद गैर-महफूज और कमज़ोर समझ रहा है|
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प्रयागराज के एक अस्पताल के बाहर पुलिस हिरासत में अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई| पुलिस ने 3 हमलावरों (अरुण मौर्य, लवलेश तिवारी और सनी सिंह) को गिरफ्तार किया है। हमले के समय अहमद और अशरफ पत्रकारों से बात कर रहे थे। दो दिन पहले ही अतीक अहमद का बेटा असद और मकसूदन का बेटा गुलाम उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
फालतू के काम करता रहता था: शूटर सनी सिंह के भाई पिंटू सिंह
गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोली मारने वाले शूटर सनी सिंह के भाई पिंटू सिंह ने कहा कि,'यह (सनी सिंह) कुछ नहीं करता था और इसके ऊपर पहले से भी मामले दर्ज़ हैं। हम लोग 3 भाई थे जिसमें से एक की मृत्यु हो गई। यह ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था। हम उससे अलग रहते हैं और बचपन में ही भाग गया था|
हमें लवलेश तिवारीसे कोई मतलब नहीं है:पिता यज्ञ तिवारी
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोली मारने वाले शूटर लवलेश तिवारी के पिता यज्ञ तिवारी ने कहा कि,'हमें कोई जानकारी नहीं की वह वहां कैसे पहुंच गया और हमें इससे कोई मतलब नहीं है। यह प्रयागराज में कब से है हमें नहीं पता। यह आखिरी बार 7-8 दिन पहले आया था|